वाराणसी में विकास कार्यों और कानून-व्यवस्था की समीक्षा, जल जीवन मिशन, रोप-वे, दालमंडी चौड़ीकरण, वृक्षारोपण, श्रावण मेला और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अधिकारियों को दिए विस्तृत निर्देश
वाराणसी, 7 जुलाई। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को अपने दो दिवसीय वाराणसी दौरे पर पहुंचे। स्थानीय सर्किट हाउस में उन्होंने जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के साथ जिले की विकास परियोजनाओं, कानून-व्यवस्था तथा आगामी श्रावण मास की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि श्रावण मास में श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में काशीवासियों के दर्शन के लिए अलग मार्ग की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों को बाबा विश्वनाथ के दर्शन के दौरान किसी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रावण मास में प्रशासन, पुलिस, नगर निगम, लोक निर्माण विभाग, विद्युत विभाग, परिवहन विभाग तथा रेलवे आपसी समन्वय के साथ कार्य करें, ताकि लाखों श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम दर्शन की सुविधा मिल सके। उन्होंने साफ-सफाई, पेयजल, स्वास्थ्य सेवाएं, खोया-पाया केंद्र, निःशुल्क लॉकर, आपदा प्रबंधन, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था तथा अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जल पुलिस को पूरी तरह सतर्क रहने के निर्देश दिए। सभी नावों पर लाइफ जैकेट की उपलब्धता सुनिश्चित करने, सीसीटीवी कैमरों से लगातार निगरानी रखने तथा नाव संचालन को पूरी तरह सुरक्षित बनाने पर जोर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि मैदागिन से गोदौलिया तक लगाए जाने वाले बैरिकेड मजबूत और सुरक्षित हों, ताकि किसी श्रद्धालु के पैर में चोट न लगे। जर्जर भवनों के आसपास विशेष सावधानी बरती जाए तथा पूरे श्रावण मास के दौरान बेहतर ट्रैफिक प्रबंधन सुनिश्चित किया जाए।
पूर्व मंत्री एवं विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी ने बैठक के दौरान काशीवासियों के लिए अलग दर्शन मार्ग की व्यवस्था किए जाने पर मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह काशीवासियों की लंबे समय से चली आ रही मांग थी। उन्होंने मैदागिन से गोदौलिया तक होने वाली बैरिकेडिंग से स्थानीय व्यापारियों को किसी प्रकार की परेशानी न होने तथा पूरे मार्ग पर पर्याप्त एम्बुलेंस की व्यवस्था सुनिश्चित करने का भी आग्रह किया, जिस पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जल जीवन मिशन के अंतर्गत चल रहे कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस योजना के लिए धन की कोई कमी नहीं है, इसलिए किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जहां भी पेयजल पाइपलाइन बिछाई जाए, वहां सड़क खोदने के साथ-साथ उसकी मरम्मत भी तत्काल कराई जाए। सड़कें लंबे समय तक खराब नहीं रहनी चाहिए और इस संबंध में किसी प्रकार की शिकायत नहीं मिलनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने शहर में अंडरग्राउंड केबलिंग के दौरान सड़कों को खोदकर छोड़ देने की शिकायतों पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने निर्देश दिया कि संबंधित विभाग कार्य शुरू करने से पहले आपसी समन्वय स्थापित करें और सड़क पुनर्स्थापन (रेस्टोरेशन) का कार्य समयबद्ध तरीके से पूरा करें। जहां सड़कें खराब हैं, उनकी मरम्मत प्राथमिकता के आधार पर कराई जाए।
उन्होंने वाराणसी में निर्माणाधीन रोप-वे परियोजना की प्रगति की समीक्षा की। मंडलायुक्त एस. राजलिंगम ने मुख्यमंत्री को बताया कि अगस्त तक रोप-वे का निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने परियोजना को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए। इसके अलावा वाराणसी विकास प्राधिकरण द्वारा विकसित की जा रही आनंद काशी, रुद्र काशी और काशी स्पोर्ट्स सिटी परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए सभी आवश्यक प्रक्रियाएं समय से पूरी करने को कहा। निर्माणाधीन यूनिटी मॉल के कार्य में भी तेजी लाने के निर्देश दिए गए।
दालमंडी सड़क चौड़ीकरण परियोजना की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि जिन भवनों का अधिग्रहण होना है, उनका नियमानुसार मुआवजा शीघ्र वितरित किया जाए और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई में तेजी लाई जाए, ताकि परियोजना समय पर पूरी हो सके।
मुख्यमंत्री ने गंगा नदी में नाव संचालन को और अधिक सुरक्षित एवं व्यवस्थित बनाने के लिए नाविकों के साथ बैठक आयोजित करने, छोटी नावों का नगर निगम के माध्यम से पंजीकरण कराने तथा सभी नावों पर लाइफ जैकेट और अन्य सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने आगामी वृक्षारोपण महाअभियान की तैयारियों की भी समीक्षा की और अधिकारियों को व्यापक स्तर पर तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि वृक्षारोपण अभियान को जनभागीदारी के साथ सफल बनाया जाए।
कानून-व्यवस्था की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने सीमावर्ती क्षेत्रों में पुलिस की सतर्कता बढ़ाने, फुट पेट्रोलिंग तेज करने तथा प्रत्येक छह माह में पुलिस कर्मियों की ड्यूटी बदलने के निर्देश दिए। उन्होंने आईजीआरएस एवं मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही होटल, रेस्तरां और बस स्टैंडों पर मनमानी वसूली रोकने तथा मंदिर व्यवस्था में लगे कर्मचारियों की ड्यूटी बदलने के निर्देश दिए, ताकि वीआईपी दर्शन के नाम पर श्रद्धालुओं के साथ किसी प्रकार की धोखाधड़ी न हो।
जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने मुख्यमंत्री को बताया कि वर्ष 2014 से अब तक वाराणसी में 36,210 करोड़ रुपये की लागत से 536 विकास परियोजनाएं पूरी की जा चुकी हैं। वर्तमान में 25,007 करोड़ रुपये की लागत वाली 191 परियोजनाओं पर कार्य चल रहा है। उन्होंने जिले की सभी प्रमुख परियोजनाओं की प्रगति रिपोर्ट मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तुत की।
पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने कमिश्नरेट की कानून-व्यवस्था तथा श्रावण मास के लिए सुरक्षा तैयारियों का प्रस्तुतीकरण किया। एडीजी पियूष मोर्डिया ने जोन के नौ जिलों में गो-तस्करी, अवैध शराब तस्करी, ऑपरेशन वज्रपात और अन्य पुलिस कार्रवाइयों की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने पुलिस अधिकारियों को और अधिक सतर्क रहने, बेहतर व्यवहार करने, फुट पेट्रोलिंग बढ़ाने तथा प्रभावी ट्रैफिक प्रबंधन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर, खादी ग्रामोद्योग मंत्री राकेश सचान, स्टाम्प एवं पंजीयन मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रविन्द्र जायसवाल, एमएसएमई राज्य मंत्री हंसराज विश्वकर्मा, पूर्व मंत्री एवं विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती पूनम मौर्य, महापौर अशोक तिवारी, सदस्य विधान परिषद राय धर्मेंद्र सिंह, विधायक डॉ. अवधेश सिंह, सौरभ श्रीवास्तव, त्रिभुवन राम, डॉ. सुनील पटेल, मंडलायुक्त एस. राजलिंगम, जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार, पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल, अपर पुलिस आयुक्त शिवहरि मीणा, डीआईजी वैभव कृष्णा, एडीजी पियूष मोर्डिया, पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के प्रबंध निदेशक शंभू कुमार, वाराणसी विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष पूर्ण बोरा, नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल, मुख्य विकास अधिकारी प्रखर कुमार, डीएफओ श्रीमती निधि चौहान सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।