2 जुलाई को सिंधौरा थाना क्षेत्र में हुई सनसनीखेज हत्या के मामले में अपेक्षित स्तर की कार्रवाई नहीं होने पर प्रथम दृष्टया लापरवाही मानते हुए थाना प्रभारी ज्ञानेंद्र कुमार त्रिपाठी को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया गया। उनकी जगह सिगरा थाने के नगर निगम चौकी प्रभारी पंकज कुमार को सिंधौरा का नया थाना प्रभारी बनाया गया।
विवेचनाओं के समयबद्ध निस्तारण में गंभीर लापरवाही पाए जाने पर जैतपुरा थाने के सरैयां चौकी प्रभारी सत्यदेव गुप्ता को निलंबित कर दिया गया। उनके पास लंबित पांच विवेचनाएं क्रमशः 23, 826, 884, 939 और 1060 दिनों से लंबित थीं।
बैठक में निर्देश दिए गए कि सामान्य अपराधों की विवेचना 60 दिन और जघन्य अपराधों की 90 दिन के भीतर पूरी की जाए। निर्धारित समयसीमा से अधिक विलंब होने पर संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय करते हुए कार्रवाई की जाएगी।
हत्या, साइबर अपराध, एनडीपीएस, गोवध और संगठित अपराध से जुड़े आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट, गुंडा एक्ट, एनएसए और संपत्ति जब्ती की कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए गए। साथ ही ऑपरेशन चक्रव्यूह के तहत दिन-रात सघन चेकिंग, पेशेवर अपराधियों की निगरानी और रात्रि गश्त को और प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया।
बैठक में कांवड़ यात्रा मार्गों, संवेदनशील स्थलों, बैरिकेडिंग, प्रकाश व्यवस्था और सीसीटीवी की समयबद्ध जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। कांवड़ यात्रियों की सुरक्षा, सुगम यातायात, सम्मानजनक व्यवहार और सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई के भी निर्देश दिए गए।