वाराणसी। पुलिस की वर्दी पहनकर खुद को दरोगा बताने वाला एक शातिर युवक लंबे समय से लोगों को अपने झांसे में ले रहा था। कभी पुलिस विभाग में नौकरी दिलाने का भरोसा देता, तो कभी चेकिंग के नाम पर लोगों पर रौब झाड़कर रुपये वसूलता। उसका यह खेल तब खत्म हुआ जब चोलापुर पुलिस ने ऑपरेशन चक्रव्यूह के दौरान उसे धर दबोचा।
गिरफ्तार युवक की पहचान राजन प्रजापति (23) पुत्र सभापति प्रजापति, निवासी इन्द्रपुर, थाना शिवपुर के रूप में हुई है। पुलिस ने उसे गुरुवार तड़के चोलापुर थाना क्षेत्र के आयर बाजार औरा नहर के पास से गिरफ्तार किया। तलाशी में उसके पास से पुलिस की पूरी वर्दी, स्टार, बेल्ट, कैप, बैज, तीन फर्जी पुलिस आईडी कार्ड, फर्जी नियुक्ति पत्र, दो मोबाइल फोन, नकदी समेत कई सामान बरामद हुए।
पूछताछ में आरोपी ने जो खुलासा किया, वह चौंकाने वाला है। उसने बताया कि पुलिस की वर्दी पहनकर वह खुद को दरोगा बताता था और बेरोजगार युवाओं को पुलिस में नौकरी दिलाने का झांसा देकर रुपये ऐंठता था। इतना ही नहीं, कई बार वह चेकिंग के नाम पर भी लोगों से वसूली करता था। लोगों का भरोसा जीतने के लिए उसने फर्जी पुलिस पहचान पत्र और नियुक्ति पत्र भी बनवा रखा था।
पुलिस के मुताबिक आरोपी ने सिंधौरा थाना क्षेत्र के महगांव निवासी किशन विश्वकर्मा से पुलिस विभाग में नौकरी दिलाने का वादा कर एक लाख रुपये भी ले लिए थे। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि वह रकम अपनी शानो-शौकत और निजी खर्चों में उड़ा चुका है।
बरामद सामान से साफ है कि आरोपी ने खुद को पूरी तरह पुलिस अधिकारी की तरह पेश करने की तैयारी कर रखी थी। उसके पास से खाकी वर्दी, चार स्टार, पुलिस बेल्ट, पी-कैप, बैरेट कैप, दो नेम प्लेट, दो उत्तर प्रदेश पुलिस बैज, तीन फर्जी पुलिस आईडी कार्ड, फर्जी नियुक्ति पत्र, आधार कार्ड, पैन कार्ड, दो एंड्रॉयड मोबाइल, बैग, पर्स, इयरफोन और 1200 रुपये नकद मिले हैं।
चोलापुर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार आरोपी के खिलाफ थाना चोलापुर में पहले से भी एक अन्य मुकदमा दर्ज है।
यह कार्रवाई प्रभारी निरीक्षक सधुबन राम गौतम के नेतृत्व में उपनिरीक्षक अनिल कुमार, महिला उपनिरीक्षक संध्या जायसवाल, हेड कांस्टेबल अनुनेष कुमार सिंह, हेड कांस्टेबल मो. शकील अहमद और आरक्षी विपिन कुमार सिंह की टीम ने की।