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काशी की मलिन बस्तियों में अब कीचड़ नहीं, विकास की सीसी रोड चमकेगी : आयुष मंत्री डॉ. दयाशंकर मिश्र 'दयालु'



 26/Jun/26

₹4.72 करोड़ के 12 विकास कार्यों से बदलेगी वार्डों की तस्वीर, 2029 तक स्लम-फ्री काशी का लक्ष्य

वाराणसी, 25 जून। मुख्यमंत्री नगरीय अल्प विकसित एवं मलिन बस्ती विकास योजना के तहत ₹4 करोड़ 72 लाख की लागत से 12 इंटरलॉकिंग एवं सीसी रोड निर्माण कार्यों का विधिवत पूजन-अर्चन कर लोकार्पण एवं शिलान्यास किया गया। इस अवसर पर आयुष राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. दयाशंकर मिश्र 'दयालु' ने महमूरगंज स्थित कैंप कार्यालय में लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार का उद्देश्य मलिन बस्तियों में रहने वाले लोगों तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचाना है।

आज क्या हुआ?

मंत्री ने बताया कि ₹2 करोड़ 47 लाख की लागत से सात विकास कार्यों का लोकार्पण किया गया। इन कार्यों से सारनाथ, आदमपुर, कोतवाली, दशाश्वमेध और चौकाघाट क्षेत्र की मलिन बस्तियों में सड़क संपर्क बेहतर होगा। वहीं ₹2 करोड़ 25 लाख की लागत से पांच नए विकास कार्यों का शिलान्यास किया गया है। उन्होंने कहा कि सिगरा, लहुराबीर, पांडेयपुर, शिवपुर और रोहनिया के वार्डों में अगले 90 दिनों के भीतर सड़क निर्माण का कार्य पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

"बरसों की समस्या का होगा समाधान"

डॉ. दयाशंकर मिश्र 'दयालु' ने कहा कि बरसात के दौरान कीचड़ और खराब रास्तों के कारण सबसे अधिक परेशानी गरीब परिवारों, महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को उठानी पड़ती थी। अब इन क्षेत्रों में पक्की सीसी रोड और इंटरलॉकिंग सड़क बनने से लोगों को राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि यह सरकार की उस प्रतिबद्धता का हिस्सा है जिसके तहत अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक विकास पहुंचाया जा रहा है।

पूर्ववर्ती सरकारों पर साधा निशाना

अपने संबोधन के दौरान मंत्री ने पूर्ववर्ती सरकारों पर विकास कार्यों की उपेक्षा का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पहले काशी में अपेक्षित गति से विकास नहीं हुआ। उन्होंने दावा किया कि पूर्व सरकारों के कार्यकाल में कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं लंबित रहीं, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वाराणसी में बड़े पैमाने पर आधारभूत संरचना का विकास हुआ है।

10 वर्षों में बदली काशी की तस्वीर

मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने काशी को अपना परिवार माना और पिछले दस वर्षों में 45 हजार करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाएं यहां संचालित हुईं। उन्होंने श्री काशी विश्वनाथ धाम, नमो घाट, कैंसर अस्पताल, रिंग रोड तथा गंगा पर नए पुलों सहित कई परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि अब विकास का अगला चरण बस्ती-बस्ती तक पहुंचाने का है।

जनकल्याणकारी योजनाओं का भी किया उल्लेख

डॉ. दयाशंकर मिश्र ने कहा कि केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से करोड़ों लोगों को शौचालय, उज्ज्वला गैस कनेक्शन, पक्का आवास और आयुष्मान कार्ड का लाभ मिला है। उन्होंने कहा कि वाराणसी में भी बड़ी संख्या में परिवार इन योजनाओं से लाभान्वित हुए हैं और अब हर मलिन बस्ती तक सड़क जैसी मूलभूत सुविधा पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है।

2029 तक 'स्लम-फ्री काशी' बनाने का लक्ष्य

मंत्री ने डूडा अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि वर्ष 2029 तक वाराणसी की एक भी मलिन बस्ती कच्ची नहीं रहनी चाहिए। प्रत्येक घर तक सड़क, नाली, स्ट्रीट लाइट और पेयजल जैसी सुविधाएं पहुंचाने के लिए हर तीन महीने में समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी। उन्होंने बताया कि अगले महीने लगभग ₹5 करोड़ की लागत से 15 नए विकास कार्यों का प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा।

जनसंपर्क अधिकारी ने दी जानकारी

जनसंपर्क अधिकारी गौरव राठी ने बताया कि मंत्री ने अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक बहुल बस्तियों में कराए जा रहे विकास कार्यों का वार्डवार उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि जनसंवाद, लोकार्पण एवं शिलान्यास कार्यक्रमों का यह सिलसिला आगे भी जारी रहेगा, ताकि वर्ष 2029 तक 'स्लम-फ्री काशी' के लक्ष्य को पूरा किया जा सके।

कार्यक्रम में डूडा के अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में क्षेत्रीय नागरिक उपस्थित रहे।


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