वाराणसी, 20 जून 2026। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा फर्जी खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाने का खाद्य व्यापार मंडल वाराणसी ने स्वागत किया है। मंडल के अध्यक्ष नवरतन राठी ने कहा कि विभाग का यह निर्णय व्यापारियों के हित में एक महत्वपूर्ण और सराहनीय पहल है, जिससे फर्जी अधिकारियों द्वारा किए जाने वाले उत्पीड़न, भयादोहन और अवैध वसूली पर प्रभावी रोक लगेगी।
खाद्य सुरक्षा आयुक्त द्वारा जारी नए निर्देशों के अनुसार अब विभाग के सभी अधिकारी एवं कर्मचारी विभागीय पहचान पत्र (आईडी कार्ड) धारण करके ही निरीक्षण, सैंपलिंग तथा खाद्य प्रवर्तन संबंधी कार्रवाई कर सकेंगे। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि खाद्य संवर्ग के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को विभागीय पहचान पत्र उपलब्ध करा दिए गए हैं तथा किसी भी खाद्य प्रतिष्ठान, होटल, रेस्टोरेंट, किराना दुकान, मिठाई प्रतिष्ठान अथवा अन्य खाद्य कारोबार से जुड़े संस्थानों में निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को अपना पहचान पत्र दिखाना अनिवार्य होगा।
विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि कोई व्यक्ति स्वयं को खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग का अधिकारी या कर्मचारी बताते हुए निरीक्षण करता है और विभागीय पहचान पत्र प्रस्तुत नहीं कर पाता है, तो उसे विभाग का अधिकृत अधिकारी नहीं माना जाएगा। ऐसे व्यक्तियों को किसी प्रकार का सहयोग न देने की सलाह दी गई है।
फर्जी अधिकारियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई के लिए शिकायत दर्ज कराने की व्यवस्था भी की गई है। ऐसे मामलों की तत्काल सूचना संबंधित जिलाधिकारी को देने के साथ-साथ विभाग के मुख्यालय के व्हाट्सएप नंबर 9793429747 तथा ई-मेल fdaupgov@gmail.com पर भी भेजी जा सकती है।
इस निर्णय का स्वागत करते हुए खाद्य व्यापार मंडल के अध्यक्ष नवरतन राठी ने कहा कि लंबे समय से विभिन्न क्षेत्रों से ऐसी शिकायतें मिल रही थीं कि कुछ लोग स्वयं को खाद्य सुरक्षा अधिकारी अथवा सुपरवाइजर बताकर दुकानदारों और खाद्य कारोबारियों को डराते-धमकाते थे तथा अवैध वसूली का प्रयास करते थे। उन्होंने कहा कि विभाग के इस आदेश से खाद्य कारोबारियों का अनावश्यक उत्पीड़न रुकेगा और निरीक्षण प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी।
श्री राठी ने कहा कि अब फर्जी अधिकारियों की पहचान आसानी से हो सकेगी और ईमानदार व्यापारियों को मानसिक दबाव तथा आर्थिक शोषण से मुक्ति मिलेगी। उन्होंने इसे व्यापारिक समुदाय के लिए राहतकारी और विश्वास बढ़ाने वाला निर्णय बताया।
सिगरा स्थित एक मैरिज प्वाइंट में आयोजित खाद्य व्यापार मंडल वाराणसी की बैठक में नवरतन राठी ने व्यापारियों को संबोधित करते हुए विभाग के नए आदेश की जानकारी दी। उन्होंने सभी सदस्यों से अपील की कि बिना आईडी कार्ड के निरीक्षण करने वालों को सहयोग न करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल प्रशासन को दें।
उन्होंने खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग तथा खाद्य सुरक्षा आयुक्त का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह पहल खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को अधिक विश्वसनीय और पारदर्शी बनाएगी। इससे वास्तविक अधिकारियों और फर्जी तत्वों के बीच स्पष्ट अंतर स्थापित होगा तथा विभागीय कार्रवाई की विश्वसनीयता बढ़ेगी। साथ ही खाद्य कारोबारियों का प्रशासनिक तंत्र पर भरोसा भी मजबूत होगा।
व्यापारिक संगठनों का मानना है कि विभाग की यह पहल खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को अधिक जवाबदेह और पारदर्शी बनाने में सहायक सिद्ध होगी। इससे जहां एक ओर फर्जी तत्वों पर प्रभावी अंकुश लगेगा, वहीं दूसरी ओर वास्तविक अधिकारियों द्वारा की जाने वाली कार्रवाई की विश्वसनीयता भी बढ़ेगी।
बैठक में रवि धन्नानी, संदीप बरनवाल, गौरव राठी, भैरू सिंह, कमल लखमानी, राजेश केशरी, अनिल सोनकर, राजन जायसवाल, शिवकुमार होतवानी एवं शिवशंकर केशरी सहित बड़ी संख्या में खाद्य कारोबारी एवं मंडल के सदस्य उपस्थित रहे।
नवरतन राठी ने सभी व्यापारियों से अपील की कि वे बिना विभागीय पहचान पत्र वाले किसी भी व्यक्ति को निरीक्षण अथवा कार्रवाई के नाम पर सहयोग न दें तथा ऐसे मामलों की सूचना तत्काल प्रशासन और खाद्य सुरक्षा विभाग को उपलब्ध कराएं।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि विभाग के इस निर्णय से खाद्य कारोबारियों का उत्पीड़न रुकेगा, फर्जी अधिकारियों पर प्रभावी अंकुश लगेगा और खाद्य सुरक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता एवं विश्वसनीयता और अधिक मजबूत होगी।
— क्लाउन टाइम्स ब्यूरो, वाराणसी