बैठक में स्पष्ट किया गया कि सभी ताजियों का आकार एवं ऊंचाई निर्धारित मानकों के अनुरूप ही होगी। प्रत्येक ताजिये के लिए उत्तरदायी समिति का गठन किया जाएगा, जिसकी पूर्ण जवाबदेही सुनिश्चित की जाएगी। किसी भी प्रकार की हुड़दंग, अराजकता या कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की स्थिति में संबंधित आयोजकों को सीधे तौर पर जिम्मेदार माना जाएगा।
प्रशासन ने निर्देश दिया कि किसी भी नई परंपरा की शुरुआत नहीं की जाएगी और ताजिया जुलूस केवल पूर्व निर्धारित एवं परंपरागत मार्गों से ही निकाले जाएंगे। जुलूसों में भड़काऊ नारेबाजी, अस्त्र-शस्त्र या हथियारों का प्रदर्शन पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
सुरक्षा व्यवस्था के तहत सभी ताजिया जुलूसों की वीडियोग्राफी कराई जाएगी तथा ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से निगरानी रखी जाएगी। जुलूसों के साथ पुलिस बल बॉक्स फॉर्मेशन में तैनात रहेगा, जबकि आयोजकों को भी पर्याप्त संख्या में स्वयंसेवकों की तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन ने ताजिया रखे जाने वाले स्थानों पर स्वयंसेवकों की निगरानी व्यवस्था सुनिश्चित करने और यथासंभव सीसीटीवी कैमरे लगाने की भी अपील की है। साथ ही डीजे, ढोल-ताशा और अन्य ध्वनि उपकरणों का उपयोग निर्धारित मानकों के अनुरूप करने तथा किसी भी प्रकार के उत्तेजक या भड़काऊ गीतों के प्रसारण से बचने के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए डीजे संचालकों को भी जिम्मेदार ठहराया जाएगा।
बैठक में लोगों से अपील की गई कि किसी भी प्रकार की अफवाह, भ्रामक सूचना या माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वाले तत्वों की जानकारी तत्काल पुलिस को दें। प्रशासन ने बताया कि सोशल मीडिया पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और शस्त्र प्रदर्शन, कलाबाजी, अफवाह या भ्रामक सामग्री प्रसारित कर सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए रूट डायवर्जन प्लान भी लागू किया जाएगा। बैठक के दौरान विभिन्न समुदायों के बीच आपसी सौहार्द, भाईचारा और सहिष्णुता बनाए रखने की अपील की गई।
इस अवसर पर अपर पुलिस आयुक्त कानून-व्यवस्था एवं मुख्यालय शिवहरी मीणा सहित नगर निगम, जल संस्थान, लोक निर्माण विभाग, विद्युत विभाग, राजस्व विभाग और पुलिस प्रशासन के अधिकारी उपस्थित रहे।