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जिलाधिकारी ने पर्यटन विकास परियोजनाओं की धीमी प्रगति पर जताई नाराजगी, ठेकेदारों पर पेनाल्टी के निर्देश



 30/May/26

वाराणसी, 29 मई 2026 (सू.वि.)। जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला पर्यटन एवं संस्कृति परिषद की बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित की गई, जिसमें जनपद में पर्यटन विकास से संबंधित विभिन्न परियोजनाओं एवं पर्यटक सुविधाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।

बैठक के दौरान कई पर्यटन विकास परियोजनाओं की धीमी प्रगति पर जिलाधिकारी ने गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए कार्यों को तेज गति से कराकर शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सभी लंबित परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध ढंग से पूरा किया जाए और जिन कार्यों में अनावश्यक विलंब हो रहा है, वहां संबंधित ठेकेदारों के विरुद्ध नियमानुसार पेनाल्टी लगाई जाए।

समीक्षा के दौरान कूंवर में काली मंदिर का पर्यटन विकास, भैरवनाथ तालाब का पर्यटन विकास, करखियाव में स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों से संबंधित स्थल का पर्यटन विकास, विधानसभा अजगरा क्षेत्र अंतर्गत शिव मंदिर का पर्यटन विकास, क्रमेदेश्वर महादेव मंदिर का पर्यटन विकास तथा माधोपुर स्थित शुलटकेश्वर महादेव मंदिर के पर्यटन विकास कार्यों की स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई। इन परियोजनाओं में हो रहे विलंब पर सख्त निर्देश जारी करते हुए कहा गया कि सभी कार्यों में गति लाई जाए।

इसके साथ ही लमही स्थित मुंशी प्रेमचंद के आवास को संग्रहालय के रूप में विकसित किए जाने के कार्य में आ रही बाधाओं का तत्काल समाधान कर कार्य शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने गंगा घाटों के पुनर्विकास एवं अस्सी घाट के जीर्णोद्धार कार्यों को भी त्वरित गति से पूरा करने पर जोर दिया।

सारनाथ पर्यटक आवास गृह एवं परेड कोठी स्थित टूरिस्ट बंगलो में पर्यटकों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए चल रहे निर्माण एवं सुधार कार्यों को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए। साथ ही सारनाथ स्थित धमेख स्तूप पर लाइट एंड शो परियोजना को शीघ्र क्रियान्वित करने तथा पर्यटकों के बैठने की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।

बैठक में कपिलधारा मंदिर, गुरुधाम मंदिर, नागा बाबा मंदिर, नमो घाट पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों हेतु पीए सिस्टम एवं स्टेज लाइट की व्यवस्था सहित अन्य पर्यटन विकास परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

बैठक के दौरान पर्यटन से जुड़े विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने ई-रिक्शा एवं टोटो के व्यवस्थित संचालन, गंगा में नावों के नियमन तथा प्रमुख पर्यटन स्थलों पर किराया प्रदर्शन बोर्ड लगाए जाने का सुझाव रखा। इस पर जिलाधिकारी ने नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

इसके अलावा गंगा घाटों पर मादक पदार्थों के सेवन पर रोक लगाने के लिए सूचना डिस्प्ले बोर्ड लगाने के निर्देश दिए गए। साथ ही भीषण गर्मी को देखते हुए पर्यटकों की सुविधा हेतु विभिन्न स्थलों पर वाटर एटीएम, वाटर कूलर तथा धूप से बचाव के लिए शेड की व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए।

काशी नागरी प्रचारिणी सभा द्वारा प्रकाशित "नागरी" पत्रिका के वितरण को व्यवस्थित रूप से सुनिश्चित करने हेतु मुख्य विकास अधिकारी को निर्देशित किया गया।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी, संयुक्त निदेशक पर्यटन, यूपी पीसीएल के प्रोजेक्ट मैनेजर सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं पर्यटन से संबंधित विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।


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