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Varanasi:ट्रामा सेंटर प्रभारी सौरभ सिंह को लोकायुक्त ने जारी किया सम्मन,आयुष्मान भारत योजना में 11.61 करोड़ रुपयों की वित्तीय अनियमितता का आरोप



 27/May/26

बीएचयू के ट्रामा सेंटर प्रभारी सौरभ सिंह को भ्रष्टाचार के आरोपों के सापेक्ष लोकायुक्त ने सम्मन जारी कर दिया है। लोकायुक्त की ओर से जारी सम्मन में आरोपी प्रो. सौरभ सिंह को निर्देशित किया गया है कि वे सभी दस्तावेज व सुसंगत पत्रावलियों के साथ आगामी 4 जून 2026 को उपस्थित हों। प्रो. सौरभ सिंह पर ट्रामा सेंटर में भारी भ्रष्टाचार व पद का दुरुपयोग करने का आरोप है।

सामाजिक कार्यकर्ता राजनारायण मौर्या ने उत्तर प्रदेश लोकायुक्त के समक्ष दाखिल किये परिवाद में आरोप लगाया है कि ट्रामा सेंटर प्रभारी सौरभ सिंह ने आयुष्यमान भारत योजना के अंतर्गत उत्तर प्रदेश सरकार से प्राप्त लगभग 11,61,22,001 (ग्यारह करोड़ इकसठ लाख बाईस हजार एक) रुपये की धनराधि के उपयोग में गंभीर अनियमितताएं की हैं। परिवादी ने लोकायुक्त से आरोपी सौरभ सिंह की बेनामी संपत्तियों, वित्तीय लेन देन, ट्रामा सेंटर में खरीद प्रक्रिया तथा अधिकृत पोर्टल के रिकॉर्ड की फॉरेंसिक जांच की मांग की है।

आरोपी ट्रामा सेंटर प्रभारी सौरभ सिंह पर आरोप है कि उन्होंने अपात्रों व निजी परिचितों अथवा संदिग्धों को इस योजना का लाभ पहुंचाया है। इसके साथ ही आरोप है कि सरकारी व्यवस्था के अंतर्गत संचालित ‘‘अमृत फार्मेसी’’ से लगभग 1.31 करोड़ रुपये की खरीदारी दर्शायी गई है जबकि लगभग 10 करोड़ रुपयों से अधिक की खरीद निजी फर्मों से की गई है। इस संबंध में लोकायुक्त को संबंधित दस्तावेज व ट्रांजेक्शन भी प्रस्तुत किये गए हैं।

इसके अलावा कई प्रकरणों में दवाईयां, उपकरण व अन्य सामग्री स्वीकृत सूची में शामिल न होने के बावजूद भी उनका भुगतान आयुष्यमान योजना की धनराशि से किया गया। साथ ही आरोप है कि कुछ गलत इंट्री के माध्यम से इस योजना का भुगतान प्राप्त किया गया।

परिवाद में दर्ज आरोपों के अनुसार आरोपी प्रो. सौरभ सिंह ने आयुष्यमान भारत योजना का डिजिटल संचालन करने वाले प्लेटफॉर्म एसएसीएचआईएस के नियमों की अनदेखी कर भारी अनियमितताएं की हैं। नियमानुसार प्रत्येक मरीज के उपचार से पूर्व अधिकृत प्राधिकारी से पूर्व स्वीकृति प्राप्त करना अनिवार्य होता है। साथ ही अधिकृत स्वास्थ्य बीमा एजेंसी द्वारा प्रदान किये जाने के उपरांत ही संबंधित दवाईयां, उपकरण व इंप्लांट उपलब्ध कराए जाते हैं। आरोप है कि आरोपी प्रो. सौरभ सिंह ने उक्त नियमों की अनदेखी करते हुए अनेक प्रकरणों का निस्तारण किया।

 


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