“सहकार का दिया बुझने न पाये”: राष्ट्रीय मंत्री दिलीप पाटिल
वाराणसी | 24 मई 2026 | सहकार भारती के बुनकर प्रकोष्ठ की राष्ट्रीय बैठक शनिवार को वाराणसी के ग्रैंड सैफ़ेयर होटल में उत्साहपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुई। इस बैठक में उत्तर प्रदेश, बिहार, गुजरात, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, असम, पश्चिम बंगाल, तेलंगाना, तमिलनाडु और कर्नाटक सहित 10 राज्यों के प्रतिनिधियों, बुनकर संगठनों के पदाधिकारियों एवं सहकारी कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं भारत माता के चित्र पर पुष्पार्पण के साथ किया गया, जिससे पूरे सभागार में राष्ट्रीय एकता और सहकारिता की भावना का संदेश प्रसारित हुआ।
सहकारिता को सामाजिक-आर्थिक शक्ति बताया
राष्ट्रीय मंत्री श्री दिलीप पाटिल ने अपने संबोधन में कहा कि बुनकर समाज को आत्मनिर्भर बनाने में सहकारिता की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि सहकारिता केवल आर्थिक व्यवस्था नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता और सामूहिक विकास का सशक्त माध्यम है।
उन्होंने प्रेरक संदेश देते हुए कहा- “सहकार का दिया बुझने न पाये” और बुनकरों से सहकारी मॉडल को अपनाकर पारंपरिक कला को नई दिशा देने का आह्वान किया।
बुनकरी को तकनीक और बाजार से जोड़ने पर जोर
बुनकर प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय प्रमुख श्री अनंत कुमार मिश्र ने कहा कि आज के समय में पारंपरिक बुनकरी को तकनीक, विपणन और संगठनात्मक शक्ति से जोड़ना आवश्यक है। उन्होंने प्रशिक्षण केंद्रों को मजबूत करने और नई पीढ़ी को इस व्यवसाय से जोड़ने पर बल दिया।
प्रमुख समस्याओं पर चर्चा
बैठक में बुनकरों ने बढ़ती बिजली दरों, कच्चे माल की महंगाई, बाजार की कठिनाइयों, उचित मूल्य न मिलने और युवा पीढ़ी के इस व्यवसाय से दूर होने जैसी समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। प्रतिनिधियों ने मांग की कि सरकारी योजनाओं का लाभ वास्तविक बुनकरों तक पारदर्शी तरीके से पहुंचे।
पारित प्रमुख प्रस्ताव
बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किए गए—
बुनकरों के लिए सस्ती एवं सुगम विद्युत व्यवस्था सुनिश्चित की जाए
बुनकर क्रेडिट कार्ड एवं सरल ऋण सुविधा का प्रभावी क्रियान्वयन हो
प्रत्येक बुनकर क्लस्टर में प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किए जाएं
सहकारी समितियों को सशक्त कर राष्ट्रीय नेटवर्क विकसित किया जाए
बुनकर उत्पादों को ई-कॉमर्स एवं डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ा जाए
वाराणसी की बनारसी बुनकरी को सांस्कृतिक धरोहर के रूप में संरक्षण दिया जाए
वर्ष 2026–27 को “बुनकर स्वावलंबन वर्ष” घोषित करने का प्रस्ताव
समापन
कार्यक्रम के अंत में सहकार भारती उत्तर प्रदेश अध्यक्ष श्री अरुण कुमार सिंह ने सभी अतिथियों एवं प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त किया। वहीं उत्तर प्रदेश बुनकर प्रमुख श्री शैलेश प्रताप सिंह ने बैठक का संचालन करते हुए कई महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किए।
पूरे आयोजन में सहकारिता, स्वदेशी भावना और बुनकर समाज के सशक्तिकरण का स्पष्ट संदेश देखने को मिला। यह बैठक बुनकर समुदाय के संगठनात्मक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।