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माननीय केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने एन.डी.आर.एफ. को राष्ट्रपति ध्वज प्रदान किया



 15/May/26

माननीय केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद स्थित 8वीं वाहिनी, एन.डी.आर.एफ. में आयोजित भव्य परेड समारोह में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एन.डी.आर.एफ.) को प्रतिष्ठित राष्ट्रपति ध्वजप्रदान किया। इस अवसर पर महानिदेशक एन.डी.आर.एफ. श्री पीयूष आनंद सहित एन.डी.आर.एफ. के अधिकारी, बचावकर्मी एवं उनके परिवारजन उपस्थित रहे। राष्ट्रपति ध्वज से सम्मानित किया जाना बल की उत्कृष्ठ सेवा, उच्च व्यावसायिक दक्षता एवं मानवीय प्रतिबद्धता का गौरवपूर्ण प्रतीक है।

समारोह में केंद्रीय गृह सचिव श्री गोविंद मोहन, आई.बी. निदेशक श्री तपन कुमार डेका, एन.डी.एम.ए. के सदस्य एवं विभागाध्यक्ष कृष्ण वत्स, विभिन्न केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के महानिदेशक, पूर्व महानिदेशक एन.डी.आर.एफ, गृह मंत्रालय, सशस्त्र बलों एवं राज्य आपदा मोचन बलों के वरिष्ठ अधिकारी तथा विभिन्न राज्यों से आए गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त एन.सी.सी., सिविल, नेहरू युवा केंद्र संगठन तथा आपदा मित्रस्वयंसेवकों के प्रतिनिधियों ने भी समारोह की शोभा बढाई।

19 जनवरी 2006 को स्थापना के बाद से एन.डी.आर.एफ. ने अपने ध्येय वाक्य आपदा सेवा सदैव सर्वत्रको सार्थक करते हुए देशभर में जनता का विश्वास और स्नेह अर्जित किया है। मात्र बीस वषों की अवधि में 16 बटालियनों तथा 69 स्थानों पर नियमित तैनाती के साथ एन.डी.आर.एफ. ने आपदा प्रतिक्रिया के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है और एंजेल्स इन ऑरेंजके रूप में प्रसिद्धि प्राप्त की है।

एन.डी.आर.एफ. ने अब तक लगभग 12,000 चुनौतीपूर्ण अभियानों का सफल संचालन किया है, जिनमें 1.5 लाख से अधिक लोगों को जीवित बचाया गया तथा बाढ, चक्रवात, भूस्खलन, शहरी आपदाओ एवं सी.बी.आर.एन. आपात स्थितियों के दौरान 9 लाख से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया गया। इसके अतिरिक्त जापान (2011), नेपाल (2015), तुर्किए (2023), म्यांमार (2025) एवं श्रीलंका (2025) सहित विभिन्न अंतरराष्ट्रीय अभियानों के माध्यम से एन.डी.आर.एफ. ने भारत की आपदा राहत क्षमता का परिचय दिया है।

इस अवसर पर माननीय गृह मंत्री ने परेड का निरीक्षण किया तथा एन.डी.आर.एफ. को राष्ट्रपति ध्वज प्रदान किया। बल के सभी अधिकारियों एवं जवानों को बधाई देते हुए श्री अमित शाह ने कहा कि राष्ट्रपति ध्वज किसी भी बल को प्रदान किया जाने वाला सर्वोच्च सम्मान है, जो अनुशासन, त्याग और राष्ट्र के प्रति समर्पण का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि एन.डी.आर.एफ. अपनी त्वरित प्रतिक्रिया, पेशेवर दक्षता एवं मानवीय सेवा भावना के कारण विश्वस्तरीय आपदा प्रतिक्रिया बल के रूप में उभरा है तथा आपदा के समय देशवासियों के लिए आशा का प्रतीक बना है। उन्होंने प्रधानमंत्री के आपदा जोखिम न्यूनीकरण के दस सूत्रीय एजेंडाके अनुरूप मानवीय सहायता एवं आपदा राहत अभियानों के माध्यम से एन.डी.आर.एफ. की बढ़ती अंतर्राष्ट्रीय भूमिका का भी उल्लेख किया।

माननीय गृह मंत्री ने कर्तव्य पालन के दौरान सर्वोच्च बलिदान देने वाले एन.डी.आर.एफ. के 17 वीर बचाव कर्मियों को श्रद्धांजलि अर्पित की ।

अपने स्वागत सम्बोधन में महानिदेशक एन.डी.आर.एफ. श्री पीयूष आनंद, आई.पी.एस. ने इस अवसर को बल की यात्रा का ऐतिहासिक क्षण बताया। उन्होंने कहा कि एन.डी.आर.एफ. निरंतर अपनी तकनीकी क्षमता एवं कौशल को उन्नत कर रहा है तथा सभी SDRF एवं अन्य संस्थाओं की क्षमता वृद्धि, प्रशिक्षण एवं सामुदायिक जागरूकता पर विशेष बल दे रहा है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 में एन.डी.आर.एफ. ने 1,400 से अधिक अभियानों का संचालन किया, जो एक वर्ष में अब तक की सर्वाधिक संख्या है।

 

समारोह के दौरान माननीय गृह मंत्री ने देहरादून स्थित एन.डी.आर.एफ. क्षेत्रीय प्रतिक्रिया केंद्र का वर्चुअल उद्घाटन किया तथा अगरतला, अर्नाकुलम, नूरपुर, लखनऊ, गंगटोक एवं गांधीनगर में छह नए क्षेत्रीय प्रतिक्रिया केंद्रों की आधारशिला रखी। श्री अमित शाह ने 10 अधिकारियों को विशिष्ट एवं सराहनीय सेवा पदक तथा तीन बचावकर्मियों को उत्तम जीवन रक्षा पदक प्रदान किए। इसके अतिरिक्त प्रोफेशनल प्रतियोगिता एवं खेल, सर्वश्रेष्ठ नवाचार तथा फिटेस्ट रेस्क्यूअर के लिए ट्राफियाँ भी प्रदान की गईं।

समारोह में आई.टी.बी.पी ब्रास एवं पाइप बैंड द्वारा आकर्षक प्रस्तुति तथा एन.डी.आर.एफ बचावकर्मियों द्वारा रोमांचक रोप रेस्क्यू प्रदर्शन ने सभी का मन मोह लिया ।

 


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