वाराणसी। उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की सदस्या गीता विश्वकर्मा ने गुरुवार को जिला कारागार चौकाघाट का निरीक्षण कर महिला बंदियों का हालचाल जाना। निरीक्षण के दौरान महिला बैरक में निरुद्ध महिलाओं एवं उनके साथ रह रहे बच्चों को मिष्ठान, फल एवं खिलौनों का वितरण किया गया।
इस दौरान उन्होंने जेल प्रशासन को निर्देशित किया कि महिला बंदियों के कौशल विकास एवं पुनर्वास के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जाएं, जिससे वे आत्मनिर्भर बन सकें। उन्होंने महिलाओं को अपनी आय स्वयं सुरक्षित रखने और स्वावलंबी बनने के लिए भी प्रेरित किया।
इसके पश्चात सर्किट हाउस सभागार में महिला जनसुनवाई आयोजित की गई। जनसुनवाई में कुल 35 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए, जिनमें से 5 मामलों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया, जबकि अन्य प्रकरणों को संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई हेतु भेजा गया।
बताया गया कि प्राप्त शिकायतों में भूमि विवाद, महिला उत्पीड़न, नौकरी के नाम पर धन उगाही, मकान पर अवैध कब्जा एवं उपचार संबंधी मामले प्रमुख रहे।
महिला आयोग की सदस्या ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि महिलाओं एवं बालिकाओं से जुड़ी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए जमीनी स्तर पर व्यापक जागरूकता अभियान चलाए जाएं।
उन्होंने उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन एवं राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अधिकारियों को भी योजनाओं के प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए। बताया गया कि 8 मई 2026 को कौशल विकास योजनाओं के प्रचार-प्रसार के लिए जागरूकता चौपाल का आयोजन किया जाएगा।
कार्यक्रम के अंत में पुलिस विभाग द्वारा साइबर अपराध से बचाव एवं जागरूकता संबंधी पुस्तिकाओं का वितरण भी किया गया।
बैठक में एसीएम प्रथम शिवानी सिंह, अपर पुलिस उपायुक्त महिला अपराध नम्रता श्रीवास्तव, जिला कार्यक्रम अधिकारी डी.के. सिंह, सहायक जिला विद्यालय निरीक्षक राजन सिंह समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।