नई दिल्ली। देश के पांच राज्यों पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी के विधानसभा चुनाव परिणामों ने राष्ट्रीय राजनीति की दिशा तय कर दी है। भारतीय जनता पार्टी ने पश्चिम बंगाल, असम और पुडुचेरी में प्रचंड जीत दर्ज की है, जबकि केरल में कांग्रेस गठबंधन और तमिलनाडु में नई राजनीतिक ताकत ने बढ़त बनाई है।
पश्चिम बंगाल : भाजपा बहुमत में, मुख्यमंत्री का नाम तय होना बाकी, भाजपा लगभग 190 से अधिक, टीएमसी लगभग 90
294 सीटों वाले पश्चिम बंगाल में भाजपा ने स्पष्ट बहुमत हासिल कर लिया है। तृणमूल कांग्रेस को बड़ा नुकसान हुआ है और वह लगभग 90 सीटों पर सिमट गई है। मुख्यमंत्री का चेहरा अभी तय नहीं हुआ है। यह परिणाम राज्य की राजनीति में बड़े बदलाव का संकेत है और लंबे समय से चली आ रही क्षेत्रीय सत्ता का अंत माना जा रहा है।
असम : हिमंत बिस्वा सरमा फिर मुख्यमंत्री बनेंगे, भाजपा गठबंधन लगभग 75 से अधिक, कांग्रेस लगभग 45
126 सीटों वाले असम में भाजपा गठबंधन ने लगातार तीसरी बार सरकार बनाई है। हिमंत बिस्वा सरमा का फिर से मुख्यमंत्री बनना तय माना जा रहा है। विपक्ष यहां बिखरा हुआ नजर आया और सरकार के खिलाफ माहौल नहीं बन पाया।
पुडुचेरी: एन रंगासामी फिर मुख्यमंत्री बनेंगे, एनडीए लगभग 16 से 18, कांग्रेस लगभग 10 से 12
30 सीटों वाले पुडुचेरी में एनडीए ने बहुमत हासिल कर सरकार बरकरार रखी है। एन रंगासामी का फिर से मुख्यमंत्री बनना लगभग तय है। यहां स्थानीय नेतृत्व और गठबंधन की रणनीति एनडीए के पक्ष में रही।
केरल : कांग्रेस गठबंधन की वापसी, मुख्यमंत्री का नाम तय होना बाकी, यूडीएफ लगभग 75 से अधिक, एलडीएफ लगभग 60
140 सीटों वाले केरल में कांग्रेस नेतृत्व वाले यूडीएफ ने बहुमत हासिल किया है। वाम मोर्चा सत्ता से बाहर हो गया है। मुख्यमंत्री का नाम अभी तय नहीं हुआ है, लेकिन यह जीत कांग्रेस के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
तमिलनाडु : विजय की पार्टी सबसे बड़ी, मुख्यमंत्री बनने की स्थिति में, टीवीके लगभग 100 से अधिक, डीएमके लगभग 70
234 सीटों वाले तमिलनाडु में अभिनेता विजय की पार्टी सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरी है। डीएमके और एआईएडीएमके पीछे रह गई हैं। विजय के मुख्यमंत्री बनने की संभावना सबसे अधिक मानी जा रही है। यह राज्य में नई राजनीति के उभार का संकेत है।
विश्लेषण
इन चुनाव परिणामों से स्पष्ट है कि भारतीय जनता पार्टी का विस्तार पूर्व और उत्तर-पूर्व भारत में तेजी से हुआ है। पश्चिम बंगाल की जीत पार्टी के लिए सबसे बड़ा राजनीतिक संदेश है। असम में लगातार तीसरी बार जीत से नेतृत्व की स्वीकार्यता साबित हुई है, जबकि पुडुचेरी में गठबंधन की मजबूती दिखी है। केरल में कांग्रेस की वापसी उसे नई ऊर्जा देती है, लेकिन यह सफलता सीमित क्षेत्र तक ही है। तमिलनाडु में नई पार्टी के उभार से भविष्य में त्रिकोणीय मुकाबले की संभावना बढ़ गई है। कुल मिलाकर ये नतीजे आने वाले लोकसभा चुनाव के लिए महत्वपूर्ण संकेत देते हैं।
प्रधानमंत्री का बयान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि यह जनादेश विकास, सुशासन और गरीब कल्याण की नीतियों पर जनता की मुहर है। उन्होंने भरोसा जताया कि सरकार देश के हर हिस्से में विकास कार्यों को और तेज गति से आगे बढ़ाएगी।