वाराणसी। एपेक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, वाराणसी द्वारा विश्व एंकाइलोज़िंग स्पॉन्डिलाइटिस दिवस के अवसर पर मरीजों, नर्सिंग स्टाफ, फिजियोथेरेपी एवं पैरामेडिकल छात्रों के लिए एक जागरूकता सत्र का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम ऑर्थोपेडिक विभाग और एपेक्स कॉलेज ऑफ फिजियोथेरेपी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हुआ।
कार्यक्रम में स्पाइन सर्जन डॉ. अमन वर्मा और रिह्यूमेटोलॉजिस्ट डॉ. नवल मेदीरत्ता के मार्गदर्शन में विशेषज्ञों ने इस रोग से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं। सत्र में बताया गया कि एंकाइलोज़िंग स्पॉन्डिलाइटिस केवल कमर दर्द तक सीमित रोग नहीं है, बल्कि यह आंखों (यूवाइटिस), आंत (आईबीडी) और अत्यधिक थकान जैसी जटिल समस्याओं को भी प्रभावित कर सकता है। उप प्रधानाचार्य प्रो. डॉ. सौरभ आनंद ने इस वर्ष की थीम पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस रोग को शुरुआती चरण में पहचानना अत्यंत आवश्यक है। वहीं प्रधानाचार्य प्रो. डॉ. पुनीत जायसवाल ने इसके प्रमुख लक्षणों और चेतावनी संकेतों की जानकारी दी।
एफएनबी स्पाइन सर्जरी के सीनियर रेजिडेंट डॉ. नितिन चौधरी ने शीघ्र निदान और आधुनिक उपचार पद्धतियों पर विस्तार से व्याख्यान प्रस्तुत किया। सहायक प्रवक्ता डॉ. सभ्या सिंह ने फिजियोथेरेपी, नियमित व्यायाम और स्वस्थ जीवनशैली के माध्यम से रोग नियंत्रण पर जोर दिया। डॉ. कशिश ने रीढ़ की हड्डी की देखभाल, सही बैठने, उठने और सोने की मुद्रा के महत्व को समझाया।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. राजीव तिवारी द्वारा किया गया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन डॉ. सुरभि आर्य ने प्रस्तुत किया।
अंत में विशेषज्ञों ने संयुक्त रूप से कहा कि एंकाइलोज़िंग स्पॉन्डिलाइटिस में समय पर पहचान, नियमित जांच और उचित उपचार अत्यंत आवश्यक है। साथ ही मरीजों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और रीढ़ की सेहत के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में चिकित्सक, छात्र एवं मरीज उपस्थित रहे।