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माइक्रोटेक कॉलेज वाराणसी के डॉ. पंकज राजहंस और डॉ. नीरज राजहंस को “राष्ट्रीय रत्न सम्मान 2026”



 27/Apr/26

जहाँ सोच ऊँची होती है, वहीं समाज की प्रगति सच्ची कहलाती है,

जहाँ शिक्षा बनती है संस्कार, वहीं से बदलता है समाज का आधार।”

वाराणसी। शिक्षा और समाजसेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए माइक्रोटेक कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी, वाराणसी के अधिशासी निदेशक डॉ पंकज राजहंस और प्रबंधक डॉ नीरज राजहंस को वर्ष 2026 के प्रतिष्ठित राष्ट्रीय रत्न सम्मान से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान उनके सतत प्रयास, समर्पण और समाज के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण का प्रतीक है।

माइक्रोटेक कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी के नेतृत्व में डॉ पंकज राजहंस एवं डॉ नीरज राजहंस ने शिक्षा के स्तर को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने के साथ-साथ समाजसेवा के क्षेत्र में भी कई महत्वपूर्ण पहल की हैं। उनके मार्गदर्शन में संस्थान ने गरीब एवं जरूरतमंद विद्यार्थियों को शिक्षा से जोड़ने, जागरूकता कार्यक्रम चलाने और सामाजिक उत्थान के लिए लगातार कार्य किया है।

हाल ही में उनकी संस्था माइक्रोटेक एजुकेशनल सोसाइटी के माध्यम से सेंट्रल जेल, वाराणसी में लगभग 300 कैदियों का निःशुल्क नेत्र परीक्षण कराया गया, जिसमें 100 से अधिक कैदियों को निःशुल्क चश्मा भी वितरित किया गया। इस पहल ने समाजसेवा के प्रति उनकी संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता को और मजबूत रूप से सामने रखा है।

स्थानीय स्तर पर डॉ पंकज राजहंस को “गरीबों के मसीहा” के रूप में भी जाना जाता है। इस सम्मान को प्राप्त करने के बाद उन्होंने इसे अपनी पूरी टीम और विद्यार्थियों को समर्पित करते हुए कहा कि यह उपलब्धि सामूहिक प्रयासों का परिणाम है और आगे भी वे शिक्षा एवं समाजसेवा के क्षेत्र में निरंतर कार्य करते रहेंगे।

उन्होंने अपनी प्रेरणा का स्रोत देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बताया।

इस उपलब्धि से संस्थान के शिक्षकों, छात्रों और क्षेत्रवासियों में खुशी की लहर है। यह सम्मान न केवल दोनों शिक्षाविदों के व्यक्तिगत प्रयासों की पहचान है, बल्कि यह भी संदेश देता है कि जब शिक्षा, सेवा और सामंजस्य एक साथ चलते हैं, तब समाज में वास्तविक और स्थायी परिवर्तन संभव होता है।


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