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वाराणसी के सनबीम स्कूल में ‘Fusion of Era’ ग्रैंड फिनाले, श्यामक डावर वर्कशॉप में नन्हें कलाकारों का शानदार प्रदर्शन



 25/Apr/26

भारतीय और वैश्विक संस्कृति के संगम ने बांधा समां, 7-दिवसीय डांस वर्कशॉप का भव्य समापन

वाराणसी, 24 अप्रैल- सनबीम स्कूल, वरुणा परिसर में श्यामक डावर इंस्टीट्यूट ऑफ परफॉर्मिंग आर्ट्स की सात दिवसीय नृत्य कार्यशाला का समापन भव्य ग्रैंड फिनालेके साथ हुआ। इस वर्ष कार्यक्रम की थीम फ्यूज़न ऑफ एरारही, जिसमें विभिन्न समय के संगीत और नृत्य शैलियों के संगम ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन के साथ हुई। आयोजन में सनबीम समूह की निदेशिका अमृता बर्मन ने कहा कि इस तरह की गतिविधियां बच्चों के सर्वांगीण विकास और आत्मविश्वास को मजबूत करती हैं।

ग्रैंड फिनाले को पांच भागों में प्रस्तुत किया गया, जिसमें द डॉन ऑफ इराससे लेकर द न्यू एज सेलिब्रेशनतक का सफर मंच पर दिखाया गया। शुरुआत लहरतारा इकाई के विद्यार्थियों की गणेश वंदना से हुई, जिसके बाद विभिन्न शाखाओं के छात्रों ने अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों का दिल जीत लिया।

कार्यक्रम के शुरुआती हिस्से में वरुणा, सारनाथ और अन्नपूर्णा इकाइयों के छोटे बच्चों ने प्ले हाउस मेडले, बप्पी लहरी मेडले और कार्टून थीम पर आधारित प्रस्तुतियों के जरिए मासूमियत और पुराने दौर के संगीत को जीवंत किया। इसके बाद के-पॉप, बॉलीवुड फ्यूजन और देसी मीट ग्लोबलजैसी प्रस्तुतियों ने भारतीय और अंतरराष्ट्रीय संस्कृति का आकर्षक मिश्रण प्रस्तुत किया।

सीनियर वर्ग के छात्रों ने शाहरुख खान के गीतों, विलेन मेडले और देशभक्ति नृत्य के माध्यम से ऊर्जा और उत्साह से भरपूर प्रदर्शन किया। किंग्स मेडलेऔर म्यूजिकल रोड ट्रिपजैसे एक्ट्स ने कार्यक्रम को भव्यता और रचनात्मकता का नया आयाम दिया।

कार्यक्रम में अभिभावकों की भागीदारी भी देखने को मिली, जहां दीवाज़ मेडलेके जरिए उन्होंने अपनी प्रस्तुति दी। अंत में सिनेमा और मैशअप मेडले के जरिए फिल्मी दुनिया के विभिन्न रंगों को मंच पर उतारा गया, जिसने कार्यक्रम को आधुनिकता और परंपरा के संतुलन के साथ समापन तक पहुंचाया।

कार्यक्रम के दौरान श्यामक डावर इंस्टीट्यूट के प्रशिक्षकों को सम्मानित किया गया। मानद निदेशक हर्ष मधोक और सहायक निदेशिका प्रतिमा गुप्ता ने विद्यार्थियों के प्रदर्शन की सराहना की और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

समारोह के अंत में चेयरपर्सन डॉ. दीपक मधोक और वाइस-चेयरपर्सन भारती मधोक ने प्रतिभागियों को बधाई देते हुए कहा कि कला और अनुशासन का संतुलन ही सफलता की कुंजी है।

कार्यक्रम का समापन कर्टेन कॉल के साथ हुआ, जहां तालियों की गूंज ने पूरे सभागार को उत्साह से भर दिया।

प्रधानाचार्य डॉ. अनुपमा मिश्रा ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि सही मंच और मार्गदर्शन मिलने पर प्रतिभा फ्यूज़न ऑफ एराजैसे अद्भुत रूप में सामने आती है। उन्होंने आयोजन की सफलता के लिए संस्थान की टीम, शिक्षकों और अभिभावकों के सहयोग को सराहा।

 


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