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BHU में इंटरनेशनल वेंडर-स्टॉल डे 2026, छात्रों ने दिखाई वैश्विक संस्कृति की झलक



 21/Apr/26

अंतरराष्ट्रीय व्यंजन, परंपरा और क्रिएटिविटी का संगम, कुलपति ने सराहा आयोजन


कुलपति ने इंटरनेशनल वेंडर-स्टॉल डे 2026’ में वैश्विक संस्कृतियों से जुड़ाव साधा

वाराणसी। काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के न्यू इंटरनेशनल गर्ल्स हॉस्टल में इंटरनेशनल वेंडर-स्टॉल डे 2026’ का आयोजन किया गया, जहां कुलपति अजीत कुमार चतुर्वेदी ने छात्रों द्वारा लगाए गए विभिन्न अंतरराष्ट्रीय स्टॉलों का अवलोकन किया।

कार्यक्रम में छात्रों ने अपने-अपने देशों की संस्कृति, परंपराओं और खानपान को आकर्षक तरीके से प्रस्तुत किया। बांग्लादेश के स्टॉल पर जामदानी बुनाई, पारंपरिक साड़ियां और विवाह से जुड़े परिधान प्रदर्शित किए गए। नेपाल के स्टॉल पर खाजा सेट’, ‘वाई वाई सादेकोऔर लाफिंगजैसे लोकप्रिय व्यंजन और पारंपरिक अचारों की झलक देखने को मिली।

मॉरीशस के स्टॉल पर तुलसी और कैक्टस जैसी प्राकृतिक सामग्रियों से बने पेय प्रस्तुत किए गए, जबकि तिब्बत के स्टॉल पर मोमोज और घर पर बने अचार के साथ पारंपरिक खानपान को दर्शाया गया। म्यांमार के स्टॉल पर ग्रीन टी और हर्बल फेस मास्क ने विशेष आकर्षण का केंद्र बनाया, जो वहां की पारंपरिक स्वास्थ्य पद्धतियों को दर्शाते हैं।

कार्यक्रम में छात्रों की उद्यमशीलता भी देखने को मिली। हाथ से बनी क्रोशे वस्तुएं, पौधे, मेहंदी, फेस पेंटिंग और टैटू जैसी रचनात्मक सेवाओं ने आगंतुकों को आकर्षित किया। गैर-लाभकारी संस्था अनंत उड़ानने भी हस्तनिर्मित डायरी और शिल्प उत्पादों का प्रदर्शन किया।

न्यू इंटरनेशनल गर्ल्स हॉस्टल की प्रशासनिक वार्डन प्रो. मौसमी मुत्सुद्दी ने कुलपति को स्टॉलों की विशेषताओं की जानकारी दी। इस दौरान डॉ. अख्तर अली, डॉ. आरती पांडे, डॉ. नेहा गर्ग, डॉ. बी. एस. वी. प्रसाद और डॉ. जे. पी. वर्मा भी उपस्थित रहे।

कुलपति ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के कार्यक्रम छात्रों की रचनात्मकता, संवाद और उद्यमशीलता को बढ़ावा देते हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि ऐसे आयोजन हर सेमेस्टर में किए जाने चाहिए, ताकि छात्रों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अधिक अवसर मिल सके।

कार्यक्रम में नेपाल, बांग्लादेश, बोत्सवाना, युगांडा, नामीबिया, वियतनाम, तिब्बत, म्यांमार, श्रीलंका और मॉरीशस सहित कई देशों के प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया, जिससे सांस्कृतिक आदान-प्रदान और आपसी जुड़ाव को नया मंच मिला।

 


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