VDA की बड़ी कार्रवाई | लाखों के बकाए पर दुकानों पर ताला | भुगतान न होने पर ई-ऑक्शन की चेतावनी
वाराणसी। वाराणसी विकास प्राधिकरण (VDA) ने बकाया किराया और देय धनराशि की वसूली के लिए सख्त रुख अपनाते हुए कई व्यावसायिक दुकानों को सील कर दिया है। यह कार्रवाई उन आवंटियों के खिलाफ की गई है, जिन्होंने लंबे समय से किराया और अन्य देनदारियां जमा नहीं की थीं, जबकि उन्हें बार-बार नोटिस जारी कर भुगतान के निर्देश दिए गए थे।
प्राधिकरण के निर्देश पर जवाहर लाल नेहरू व्यावसायिक परिसर स्थित कई दुकानों पर सीलिंग की कार्रवाई की गई। दुकान संख्या 64 और 65, जो शिवदेव नारायण राय के नाम आवंटित हैं, पर अप्रैल 2026 तक 10,16,393 (18% जीएसटी अतिरिक्त) का बकाया दर्ज है।
इसी तरह दुकान संख्या 22, जो लालता सिंह के नाम आवंटित है, पर 8,14,307 (18% जीएसटी अतिरिक्त) तथा दुकान संख्या 125 और 126, जो प्रकाश चंद्र और उषा देवी के नाम आवंटित हैं, पर 5,40,302 (18% जीएसटी अतिरिक्त) की बकाया धनराशि लंबित पाई गई।
प्राधिकरण की ओर से संबंधित आवंटियों को कई बार नोटिस जारी किए गए थे। इनमें 12 जुलाई 2023, 12 जुलाई 2024, 19 जुलाई 2024, 16 अगस्त 2024, 2 दिसंबर 2024 और अंतिम नोटिस 20 मार्च 2025 को भेजा गया। इसके बावजूद न तो बकाया जमा किया गया और न ही प्राधिकरण के समक्ष कोई संतोषजनक जवाब प्रस्तुत किया गया।
निर्देशों के अनुपालन में संपत्ति अधिकारी आनंद प्रकाश तिवारी, सहायक संपत्ति अधिकारी रमेश चंद्र दुबे, पटल सहायक अजय श्रीवास्तव और रेंट कलेक्टर रणधीर की मौजूदगी में दुकानों को सील किया गया।
कार्रवाई के साथ ही संबंधित आवंटियों को 15 दिन का अंतिम अवसर दिया गया है। इस अवधि के भीतर बकाया किराया और देय विक्रय मूल्य जमा करने के निर्देश दिए गए हैं। तय समय में भुगतान न होने पर दुकानों का आवंटन निरस्त कर उन्हें ई-ऑक्शन के जरिए नीलाम किया जाएगा।
प्राधिकरण ने यह भी संकेत दिया है कि ऐसे अन्य दुकानदार, जो लंबे समय से बकाया नहीं चुका रहे हैं, उनके खिलाफ भी विशेष अभियान चलाया जाएगा। फिलहाल 8 से 10 अन्य दुकानों को चिन्हित किया गया है, जिन पर इसी सप्ताह सीलिंग की कार्रवाई प्रस्तावित है।
इस सख्त कदम के बाद शहर के अन्य बकायेदारों में भी हलचल तेज हो गई है।