चंद्रावती बाजार ले जाकर घटना में सहयोग का आरोप, फास्ट ट्रैक कोर्ट से मिली राहत
वाराणसी के चौबेपुर थाना क्षेत्र से जुड़े गैंगरेप मामले में सहयोगी महिला आरोपित किरन को फास्ट ट्रैक कोर्ट से जमानत मिल गई। कोर्ट ने एक लाख रुपये के निजी मुचलके पर रिहाई का आदेश दिया।
वाराणसी। गैंगरेप मामले में सहयोगी महिला आरोपित को कोर्ट से राहत मिल गई है। फास्ट ट्रैक कोर्ट (प्रथम) की अदालत ने जौनपुर के रामगढ़, चंदवक निवासी आरोपित किरन को एक लाख रुपये के निजी मुचलके और बंधपत्र पर रिहा करने का आदेश दिया।
मामले की सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ताओं ने पक्ष रखते हुए कहा कि आरोपित का नाम बाद में विवेचना के दौरान जोड़ा गया है और प्रथम सूचना रिपोर्ट में उसके खिलाफ सीधे आरोप नहीं लगाए गए थे।
अभियोजन के अनुसार चौबेपुर थाना क्षेत्र की पीड़िता ने प्राथमिकी दर्ज कराते हुए बताया था कि वह एक वर्ष से अधिक समय से बलुआ, चंदौली निवासी एक युवक के संपर्क में थी। आरोप है कि युवक ने शादी का झांसा देकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। इस पूरे घटनाक्रम में महिला आरोपित पर सहयोग करने का आरोप लगाया गया।
प्राथमिकी में यह भी आरोप लगाया गया कि 24 फरवरी 2026 को महिला आरोपित पीड़िता को चंद्रावती बाजार लेकर गई, जहां से कुछ युवकों को बुलाया गया। इसके बाद पीड़िता के साथ सामूहिक दुष्कर्म की घटना हुई। पीड़िता ने यह बात अपने बयान में भी दर्ज कराई थी।
पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए आरोपित महिला समेत अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी की थी।
सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने दलील दी कि मामले में व्यक्तिगत रंजिश के चलते आरोप लगाए गए हैं और घटना के समर्थन में प्रत्यक्ष साक्ष्य उपलब्ध नहीं हैं। अदालत ने पत्रावली और प्रस्तुत साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद जमानत अर्जी स्वीकार कर ली।