संकट मोचन संगीत समारोह 2026 की चौथी निशा में दिग्गज कलाकारों की शानदार प्रस्तुतियां, देर रात तक जमे श्रोता
वाराणसी। संकट मोचन संगीत समारोह 2026 की चौथी निशा संकट मोचन मंदिर प्रांगण में सुर, ताल और भाव के अद्भुत संगम के साथ संपन्न हुई। शाम ढलते ही श्रोताओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। प्रतिष्ठित कलाकारों की प्रस्तुतियों ने पूरे वातावरण को संगीतमय बना दिया।
कार्यक्रम का आगाज सरोद वादक पं. देवज्योति बोस ने किया। राग महावीर और तीन ताल में उनकी प्रस्तुति ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। तबले पर पं. कुमार बोस और रोहेन बोस की संगत प्रभावशाली रही।
इसके बाद कृतिमा नरसिंह राणा ने ओडिसी नृत्य प्रस्तुत कर मंच को भाव और सौंदर्य से भर दिया। शिव स्तुति और रामचरित मानस पर आधारित उनकी प्रस्तुति सराहनीय रही।
तीसरी प्रस्तुति में वाद्य चौबंदी ने खासा आकर्षित किया। पं. यू. राजेश (मैंडोलिन), पं. राजेश वैद्या (सरस्वती वीणा), पं. ओजश अधिया (तबला) और मोहन राम (मृदंगम) ने कर्नाटक शैली के रागों की श्रृंखला प्रस्तुत की।
इसके बाद पं. अनूप जलोटा ने अपने लोकप्रिय भजनों से श्रोताओं को भावविभोर कर दिया और देर तक बांधे रखा।
पांचवीं प्रस्तुति में पं. सतीश व्यास ने संतूर पर राग कौशिक ध्वनि प्रस्तुत कर माहौल को मधुर बना दिया। तबले पर पं. आदित्य कल्याणपुर की संगत प्रभावशाली रही।
इसके बाद पं. अजय पोहनकर ने राग चारुकेशी में गायन प्रस्तुत किया। अस्वस्थता के बावजूद उनकी प्रस्तुति सराहनीय रही। तबले पर पं. संजू सहाय, संवादिनी पर पं. धर्मनाथ मिश्र और सारंगी पर विनायक सहाय ने संगत की।
अंतिम प्रस्तुति में पं. जयतीर्थ मेउन्ही ने राग कोमल ऋषभ आसावरी और मियां की तोड़ी प्रस्तुत कर श्रोताओं को भावुक कर दिया। अंत में भजन के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।