भक्ति और संगीत का अद्भुत संगम, पहली ही रात में मंत्रमुग्ध हुआ वाराणसी
वाराणसी के संकट मोचन संगीत समारोह 2026 की पहली निशा में स्वर, ताल और नृत्य की त्रिवेणी ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। देश-विदेश के कलाकारों ने दी शानदार प्रस्तुतियां।
वाराणसी। आस्था, भक्ति और संगीत का अद्भुत संगम माने जाने वाले संकट मोचन संगीत समारोह 2026 की पहली निशा में स्वर, ताल और नृत्य की त्रिवेणी में श्रोताओं ने भाव-विभोर होकर डुबकी लगाई। हर वर्ष चैत्र पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित होने वाला यह प्रतिष्ठित संगीत समारोह अपने आप में अनूठा है, जिसका इंतजार संगीत प्रेमियों को पूरे साल रहता है।
मंदिर परिसर में खुले आसमान के नीचे आयोजित इस छह दिवसीय समारोह का शुभारंभ 6 अप्रैल से हुआ, जो 11 अप्रैल तक चलेगा। पहली ही रात में देश-विदेश के ख्याति प्राप्त और उभरते कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से माहौल को भक्तिमय बना दिया।
यह मंच केवल संगीत का नहीं, बल्कि साधना और समर्पण का प्रतीक माना जाता है, जहां कलाकार अपनी कला को भक्ति के रूप में प्रस्तुत करते हैं। यहां प्रस्तुति देना कलाकारों के लिए सम्मान और सौभाग्य की बात होती है।
पहली निशा में शास्त्रीय गायन, वादन और नृत्य की प्रस्तुतियों ने ऐसा समां बांधा कि देर रात तक श्रोता मंत्रमुग्ध होकर कार्यक्रम का आनंद लेते रहे। वातावरण में भक्ति और सुरों की गूंज ने आयोजन को दिव्यता से भर दिया।
संकट मोचन संगीत समारोह न केवल वाराणसी, बल्कि पूरे देश और विश्व के संगीत प्रेमियों के लिए एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक आयोजन बन चुका है, जहां कला और आस्था का अनूठा मेल देखने को मिलता है।