प्रदेश की योगी सरकार पीड़ितों को अकेला नहीं छोड़ती, सरकार हर स्तर पर मदद के लिए तत्पर रहती है
वाराणसी। चौबेपुर थाना क्षेत्र के नवापुरा बस्ती में पिछले वर्ष तेंदुए के हमले से घायल हुए ग्रामीणों के प्रति संवेदनशीलता दिखाते हुए उत्तर प्रदेश सरकार के श्रम एवं सेवायोजन समन्वय मंत्री अनिल राजभर ने रविवार को उनके घर पहुंचकर कुशलक्षेम जाना और प्रत्येक को एक–एक लाख रुपये की अनुग्रह सहायता राशि प्रदान की।
रविवार को मंत्री का यह दौरा वादे को पूरा करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम रहा, वे स्वयं पीड़ितों के घर पहुंचे, उनके परिवारजनों से मिले और उनकी वर्तमान स्थिति की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने प्रत्येक पीड़ित को एक–एक लाख रुपये की सहायता राशि का चेक सौंपा। इस दौरान मंत्री अनिल राजभर ने कहा कि प्रदेश की योगी सरकार पीड़ितों को अकेला नहीं छोड़ती। किसी भी तरह की घटना हो, सरकार हर स्तर पर मदद के लिए तत्पर रहती है। जनता की सुरक्षा और सम्मान हमारी प्राथमिकता है, और इसमें कोई समझौता नहीं होगा। सहायता राशि मिलने के बाद पीड़ितों और उनके परिवारजनों ने सरकार और मंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया।
यह पूरा मामला लगभग एक वर्ष पुराना है, जब मई 2025 में वाराणसी के चौबेपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत नवापुरा बस्ती में अचानक तेंदुए के आने से पूरे इलाके में दहशत फैल गई थी। उस दौरान तेंदुए ने तीन ग्रामीणों क्रमशः ग्रामसभा कमौली निवासी सुनील, गौराकलॉ निवासी जयदेव और शंकरपुर (नवापुर) निवासी प्रदीप मौर्य पर हमला कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया था। घटना के बाद क्षेत्र में भय का माहौल व्याप्त हो गया था और लोग अपने घरों से निकलने में भी डर महसूस कर रहे थे। मई 2025 की वह घटना आज भी ग्रामीणों के जेहन में ताजा है। ग्रामीणों के अनुसार, तेंदुआ अचानक खेतों और बस्तियों के बीच देखा गया था। पहले तो लोगों ने इसे अफवाह समझा, लेकिन कुछ ही घंटों में उसने तीन अलग-अलग स्थानों पर लोगों पर हमला कर अपनी मौजूदगी का एहसास करा दिया। सुनील, जयदेव और प्रदीप मौर्य उस समय अपने-अपने कार्यों में लगे हुए थे, जब तेंदुए ने उन पर झपट्टा मारा। हमले के बाद ग्रामीणों ने किसी तरह साहस जुटाकर घायलों को बचाया और तत्काल अस्पताल पहुंचाया। सूचना मिलते ही वन विभाग और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और इलाके में सर्च अभियान चलाया गया। कई दिनों तक चले इस अभियान के दौरान तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरे लगाए गए और विशेषज्ञ टीमों को भी बुलाया गया।
घटना की जानकारी मिलते ही अनिल राजभर ने तत्काल सक्रियता दिखाते हुए घायलों के इलाज की समुचित व्यवस्था कराई थी। उन्होंने घायलों से मुलाकात की थी और डॉक्टरों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे। उस समय मंत्री ने यह आश्वासन भी दिया था कि पीड़ितों को शासन स्तर से आर्थिक सहायता दिलाई जाएगी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेजने के निर्देश दिए और अनुग्रह राशि स्वीकृत कराने के लिए स्वयं पहल की थी।
इस दौरान मंत्री प्रतिनिधि संजय सिंह, प्रवीण सिंह, कमलेश मौर्या, प्रकाश राजभर, शशांक श्रीवास्तव, रवि श्रीवास्तव, देवमनी तिवारी सहित दर्जनों लोग मौजूद रहे।