वाराणसी में एमपी-यूपी सहयोग सम्मेलन का शुभारंभ, ओडीओपी, निवेश और पर्यटन को मिलेगा बड़ा बढ़ावा
#भोपाल/वाराणसी, 31 मार्च 2026| मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि काशी विश्वनाथ धाम दुनिया के 7 पवित्र स्थानों में शामिल है। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कर्मक्षेत्र भी है और उनके नेतृत्व में देश निरंतर प्रगति कर रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सुशासन का उत्कृष्ट मॉडल स्थापित किया है और राज्य में कानून-व्यवस्था के साथ विकास को नई दिशा दी है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव वाराणसी में आयोजित एमपी-यूपी सहयोग सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि भारत आज एक मजबूत राष्ट्र के रूप में उभर रहा है और विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
#साझा विरासत से विकास की नई दिशा
मुख्यमंत्री ने कहा कि वाराणसी और उज्जैन दोनों ही धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण शहर हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में इन शहरों में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए व्यापक विकास कार्य किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश के बीच भौगोलिक, सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और ऐतिहासिक संबंध बहुत गहरे हैं और दोनों राज्य साझा विरासत के साथ आगे बढ़ रहे हैं। इस सहयोग सम्मेलन से भविष्य की संभावनाओं को मजबूत आधार मिलेगा।
#सम्मेलन का शुभारंभ और महत्वपूर्ण एमओयू
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वाराणसी के होटल रामादा में दीप प्रज्ज्वलित कर सम्मेलन का शुभारंभ किया। इस अवसर पर विश्वनाथ मंदिर ट्रस्ट और महाकालेश्वर मंदिर ट्रस्ट के बीच सहयोग तथा ओडीओपी उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर हुए।
सम्मेलन में उत्तरप्रदेश की विभिन्न औद्योगिक संस्थाओं के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आत्मीय स्वागत किया।
#केन-बेतवा परियोजना और नक्सल मुक्त मध्यप्रदेश
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के संकल्प के कारण देश में नक्सलवाद पर प्रभावी नियंत्रण हुआ है और मध्यप्रदेश अब नक्सल मुक्त हो चुका है। इससे राज्य में औद्योगिक विकास और निवेश गतिविधियों को गति मिलेगी।
उन्होंने केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना को दोनों राज्यों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इससे बुंदेलखंड क्षेत्र में सिंचाई और पेयजल की सुविधा बढ़ेगी।
इसके अलावा, मुरैना में 2000 मेगावाट का सोलर एनर्जी प्रोजेक्ट भी दोनों राज्यों के सहयोग से विकसित किया जा रहा है।
#मध्यप्रदेश में निवेश की अपार संभावनाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में निवेश के लिए अनुकूल वातावरण, विशाल भूमि बैंक, विश्वसनीय बिजली आपूर्ति और मजबूत कनेक्टिविटी उपलब्ध है। राज्य सरकार उद्योग और रोजगार को प्राथमिकता दे रही है।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 को उद्योग एवं रोजगार वर्ष के रूप में मनाने के बाद वर्ष 2026 में कृषि क्षेत्र पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्रदेश में सिंचाई क्षेत्र 55 लाख हेक्टेयर तक पहुंच चुका है और मेडिकल कॉलेजों की संख्या 40 हो गई है।
सरकार अस्पताल खोलने के लिए 1 रुपये की लीज पर 30 एकड़ जमीन उपलब्ध करा रही है। राज्य का निर्यात 70 हजार करोड़ रुपये से अधिक हो चुका है।
#उत्तरप्रदेश का ओडीओपी मॉडल बना मिसाल
उत्तरप्रदेश के एमएसएमई मंत्री राकेश सचान ने कहा कि राज्य में 96 लाख एमएसएमई इकाइयां कार्यरत हैं, जो लगभग 3 करोड़ लोगों को रोजगार दे रही हैं।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2018 में शुरू किए गए ओडीओपी कार्यक्रम से राज्य के निर्यात में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। ओडीओपी उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए तीन इंटरनेशनल ट्रेड फेयर आयोजित किए जा चुके हैं।
युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए बिना ब्याज के 5 लाख रुपये तक का ऋण भी उपलब्ध कराया जा रहा है। बनारस में 100 एकड़ भूमि पर टेक्सटाइल पार्क स्थापित करने की योजना है।
#औद्योगिक सहयोग और निवेश को मिलेगा बढ़ावा
उत्तरप्रदेश के औद्योगिक विकास मंत्री नंदगोपाल गुप्ता (नंदी) ने कहा कि यह सम्मेलन दोनों राज्यों के बीच गहरी समझ और सहयोग का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि उत्तरप्रदेश निवेशकों के लिए एक प्रमुख गंतव्य बन चुका है और सरकार युवाओं को उद्यमी बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने मध्यप्रदेश सरकार की औद्योगिक नीतियों की भी सराहना की।
#ओडीओपी में मध्यप्रदेश को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान
प्रमुख सचिव औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन राघवेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि मध्यप्रदेश के सभी 55 जिलों में ओडीओपी उत्पाद हैं, जिनसे लाखों लोग जुड़े हैं।
स्व-सहायता समूहों के माध्यम से ओडीओपी उत्पादों की बिक्री 500 करोड़ रुपये से अधिक हो चुकी है। राज्य का निर्यात 65 हजार करोड़ रुपये से अधिक है और 26 उत्पादों को जीआई टैग प्राप्त हो चुका है।
उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश को राष्ट्रीय स्तर पर ओडीओपी में रजत पदक मिला है।
#उज्जैन में बनेगा यूनिटी मॉल
उज्जैन में 284 करोड़ रुपये की लागत से एक भव्य यूनिटी मॉल बनाया जाएगा, जो मध्य भारत का सबसे बड़ा ओडीओपी शोकेस होगा। यहां विभिन्न राज्यों के उत्पाद एक ही छत के नीचे उपलब्ध होंगे।
#ई-कॉमर्स और ग्रामीण कनेक्टिविटी पर जोर
उत्तरप्रदेश के अधिकारियों ने बताया कि ओडीओपी उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए 1500 कॉमन फैसिलिटी सेंटर संचालित किए जा रहे हैं। साथ ही, अमेजन और फ्लिपकार्ट जैसे ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर भी इन उत्पादों की बिक्री की जा रही है।
गांव कनेक्शन के संस्थापक नीलेश मिश्रा ने कहा कि यह मंच मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश की साझा विरासत को जोड़ने का कार्य कर रहा है और दोनों राज्यों के उत्पादों को नई पहचान दिला रहा है।
#निष्कर्ष
एमपी-यूपी सहयोग सम्मेलन ने यह स्पष्ट कर दिया है कि दोनों राज्य साझा विरासत, औद्योगिक सहयोग और निवेश के माध्यम से विकास की नई इबारत लिखने के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह सम्मेलन भविष्य में रोजगार, निर्यात और आर्थिक विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगा।