वाराणसी, 26 मार्च 2026। उत्तर प्रदेश सरकार के 9 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम के बाद प्रदेश के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री तथा जनपद प्रभारी मंत्री ने कहा कि पिछले नौ वर्षों में काशी ने अभूतपूर्व विकास का अनुभव किया है। धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के साथ आधुनिक विकास का संतुलन बनाते हुए वाराणसी को एक सशक्त शहरी मॉडल के रूप में विकसित किया गया है।
आर्थिक मजबूती: GDP और आय में तेज वृद्धि
उन्होंने बताया कि वर्ष 2017 में वाराणसी की जीडीपी 22,586 करोड़ रुपये थी, जो अब बढ़कर 56,900 करोड़ रुपये हो गई है। प्रति व्यक्ति आय 1,14,685 रुपये तक पहुंच चुकी है, जो शहर की मजबूत आर्थिक प्रगति को दर्शाता है।
अवस्थापना विकास: 35 हजार करोड़ से अधिक के कार्य
विगत 9 वर्षों में लगभग 35,156 करोड़ रुपये की लागत से सड़क, सेतु, पेयजल, सीवरेज, एसटीपी, ऊर्जा, स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यटन, नगर विकास और पुलिस वेलफेयर से संबंधित 486 प्रमुख परियोजनाएं पूर्ण की गई हैं। इसके अतिरिक्त 17,915 करोड़ रुपये की परियोजनाएं निर्माणाधीन हैं।
सड़क, सेतु और कनेक्टिविटी में विस्तार
22,829 करोड़ रुपये की लागत से 127 सड़क एवं सेतु परियोजनाएं पूर्ण की गई हैं, जबकि 5,813 करोड़ रुपये की परियोजनाएं प्रगति पर हैं। रेलवे, एयरपोर्ट और जलमार्ग से संबंधित 1,529 करोड़ रुपये के कार्य पूरे किए गए हैं तथा 4,934 करोड़ रुपये की परियोजनाएं निर्माणाधीन हैं।
स्मार्ट सिटी से बदली शहर की तस्वीर
के अंतर्गत 877.65 करोड़ रुपये की लागत से 34 परियोजनाएं पूर्ण की गई हैं। इनमें काशी इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर, 720 स्थानों पर सर्विलांस कैमरे, सिगरा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, टाउन हॉल शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, थ्री-डी अर्बन डिजिटल मैपिंग तथा गोदौलिया एवं चौक क्षेत्र में मल्टीलेवल पार्किंग शामिल हैं।
पर्यटन और धरोहर: वैश्विक पहचान
कॉरिडोर, नमो घाट, सारनाथ पुनर्विकास, पंचकोसी परिक्रमा मार्ग और गंगा घाटों के सौंदर्यीकरण ने वाराणसी को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर स्थापित किया है। 721 करोड़ रुपये की 30 पर्यटन परियोजनाएं पूर्ण की गई हैं, जबकि 834 करोड़ रुपये की परियोजनाएं निर्माणाधीन हैं।
स्वास्थ्य सेवाओं में विस्तार
1,870 करोड़ रुपये की लागत से 43 स्वास्थ्य परियोजनाएं पूर्ण की गई हैं, जिनमें कैंसर संस्थान, होमी भाभा कैंसर अस्पताल, काशी हिंदू विश्वविद्यालय में सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल, मातृत्व विंग और बोन मैरो ट्रांसप्लांट एवं स्टेम सेल रिसर्च सेंटर शामिल हैं। 914 करोड़ रुपये की परियोजनाएं निर्माणाधीन हैं।
ऊर्जा, पेयजल और सीवरेज सुधार
1,100 करोड़ रुपये की लागत से विद्युत सुधार कार्य, 3722 मजरे में विद्युतीकरण और 220 केवी उपकेंद्रों का निर्माण किया गया है। 1000 करोड़ रुपये से अधिक की 60 पेयजल एवं सीवरेज परियोजनाएं पूर्ण तथा 2100 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाएं प्रगति पर हैं।
कृषि और किसान सशक्तिकरण
3,05,823 किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, 16,026 किसानों को ऋण मोचन योजना, 97,263 किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड और 1,055 किसानों को सोलर पंप का लाभ दिया गया है। जनपद में 41 किसान उत्पादक संगठन गठित किए गए हैं और बड़े पैमाने पर फसली ऋण वितरण किया गया है।
रोजगार और औद्योगिक विकास
मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, एक जनपद एक उत्पाद तथा मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के अंतर्गत हजारों इकाइयां स्थापित कर बड़े स्तर पर रोजगार सृजित किया गया है। डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराया गया है।
डिजिटल सेवाओं का विस्तार
2206 जन सेवा केंद्रों के माध्यम से 363 ऑनलाइन सेवाएं आमजन को उपलब्ध कराई जा रही हैं। 71 लाख से अधिक आवेदनों का निस्तारण किया जा चुका है। ई-ऑफिस और सीएम डैशबोर्ड के माध्यम से प्रशासनिक पारदर्शिता और गति बढ़ी है।
ग्रामीण और सामाजिक विकास
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 38 हजार से अधिक आवासों का निर्माण, 392 अमृत सरोवरों का निर्माण, 11 हजार से अधिक स्वयं सहायता समूहों का गठन तथा मनरेगा के अंतर्गत 165 लाख मानव दिवस सृजन किया गया है। महिलाओं की सहभागिता में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
पर्यावरण और स्वच्छता
1.44 करोड़ से अधिक पौधारोपण, मियावाकी पद्धति से वृक्षारोपण, वेस्ट टू चारकोल प्लांट, वेस्ट टू कम्पोस्ट और बायोमिथेनाइजेशन आधारित कचरा प्रबंधन जैसी पहलें लागू की गई हैं। स्वच्छता के क्षेत्र में भी वाराणसी ने उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं।
भविष्य की परियोजनाएं
गंजारी में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम, काशी स्पोर्ट्स सिटी, रोपवे परियोजना, ट्रांसपोर्ट नगर, एयरपोर्ट टर्मिनल विस्तार और हाइड्रोजन आधारित जल परिवहन जैसी परियोजनाएं शीघ्र पूर्ण होने की दिशा में अग्रसर हैं।
निष्कर्ष
मंत्री ने कहा कि काशी आज आध्यात्मिकता, सांस्कृतिक विरासत और आधुनिक विकास का संतुलित एवं सशक्त मॉडल बन चुकी है, जो देश और विश्व के लिए एक उदाहरण प्रस्तुत कर रही है।
कुल मिलाकर प्रभारी मंत्री सुरेश खन्ना ने मीडिया से बातचीत करते हुए सरकार की उपलब्धियां को गिनाते हुए कहा कि वाराणसी ने पिछले नौ वर्षों में विकास के हर क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। शहर अब आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और आधुनिक शहरी मॉडल बनने की दिशा में तेजी से बढ़ रहा है।