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श्रीरामराज्य पट्टाभिषेक महोत्सव: युवराज राम के राजतिलक पर अयोध्यावासियों की राय का प्रसंग रहा केंद्र में



 20/Mar/26

वाराणसी। काशी के मानसरोवर तीर्थ क्षेत्र स्थित श्री रामतारक आंध्रा आश्रम में चल रहे श्रीराम साम्राज्य पट्टाभिषेक महोत्सव के अंतर्गत शुक्रवार को दोनों मंडपों में वाल्मीकि रामायण के अयोध्या कांड का विशेष महत्व रहा। एक ओर यज्ञ मंडप में अयोध्या कांड के प्रमुख पात्रों के नाम से आहुतियां समर्पित की गईं, वहीं दूसरी ओर रामालय मंडप में अयोध्या कांड के श्लोकों का अबाध पारायण जारी रहा।

महोत्सव के मुख्य आचार्य उलीमिरी सोमायाजुलू ने अयोध्या कांड के प्रसंगों का वर्णन करते हुए बताया कि युवराज श्रीराम के पट्टाभिषेक का निर्णय मंत्रीपरिषद, ऋषि-मुनियों और विद्वतजनों की सहमति के बाद लिया गया था। उन्होंने कहा कि महाराज दशरथ का मानना था कि इस निर्णय में अयोध्यावासियों की राय भी शामिल होनी चाहिए। पार्षदों ने उन्हें बताया कि अयोध्या की जनता युवराज राम के राजतिलक की संभावना मात्र से उत्साहित है, घर-घर दीप जलाए जा रहे हैं और पूरे नगर में उत्सव जैसा वातावरण है।

आचार्य सोमायाजुलू ने आगे बताया कि कैकेयी और मंथरा प्रसंग के बाद कथा का स्वर पूरी तरह बदल जाता है। स्थिति ऐसी बनती है कि महाराज दशरथ और राजमाता कौशिल्या भी श्रीराम के साथ वन जाने को तैयार हो जाते हैं, लेकिन धैर्य और मर्यादा के प्रतीक श्रीराम उन्हें समझाते हैं कि माता-पिता का अयोध्या में रहना ही उचित और श्रेयस्कर है।

उन्होंने बताया कि महोत्सव के क्रम में अयोध्या कांड का पारायण शुक्रवार सायंकाल तक अनवरत जारी रहेगा, जबकि शनिवार प्रातः इसका विराम होगा। इसी क्रम में शुक्रवार सायं वाल्मीकि रामायण के प्रकांड विद्वान अन्नदानम चिदम्बर शास्त्री का प्रवचन भी आयोजित किया गया है।

इससे पहले यजमान पीठिका पर विराजमान महोत्सव प्रमुख यजमान वीवी सुंदर शास्त्री ने यज्ञाचार्यों के निर्देशन में समस्त अनुष्ठान संपन्न किए। कार्यक्रम में एम. श्रीनिवास राव, डॉ. भवानी शंकर, बी. कृष्ण मूर्ति, एन. कनक राजू, श्रीमती धारानीज, रुक्मिणी समेत अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे। सत्रों का संयोजन आश्रम के प्रबंधक वीवी सीताराम ने किया।

वाराणसी के श्री रामतारक आंध्रा आश्रम में श्रीरामराज्य पट्टाभिषेक महोत्सव, अयोध्या कांड का पारायण जारी

वाराणसी के श्री रामतारक आंध्रा आश्रम में चल रहे श्रीरामराज्य पट्टाभिषेक महोत्सव में अयोध्या कांड का पारायण जारी है। युवराज राम के पट्टाभिषेक, अयोध्यावासियों की राय और कैकेयी-मंथरा प्रसंग पर विशेष चर्चा हुई।

 


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