देशभर के 40 विद्वानों ने किया वाल्मिकि रामायण के बालकांड का सामूहिक पारायण
धर्म नगरी वाराणसी के मानसरोवर स्थित राम तारक आश्रम में गुरुवार को अग्नि प्रतिष्ठापन के साथ श्रीराम साम्राज्य पट्टाभिषेकम् महोत्सव का शुभारंभ हुआ। लोकमंगल और विश्व कल्याण की कामना से आयोजित इस धार्मिक अनुष्ठान में देश के विभिन्न राज्यों से आए विद्वानों और श्रद्धालुओं की सहभागिता रही।
कार्यक्रम का आरंभ श्री गणेश पूजन, पंचगव्य प्राशन एवं दीक्षा धारण की वैदिक परंपराओं के साथ हुआ। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच यज्ञ कुंड में अग्नि स्थापित की गई। यज्ञ के मुख्य यजमान एवं आंध्रा आश्रम के प्रबंध न्यासी वीवी सुंदर शास्त्री को विधिवत दीक्षा प्रदान की गई।
अनुष्ठान के दौरान वाल्मिकि रामायण के बालकांड में वर्णित श्रीराम जन्म एवं विवाह प्रसंगों के अनुरूप यज्ञ में आहुतियां समर्पित की गईं। वहीं आश्रम परिसर में देशभर से आए लगभग 40 विद्वानों ने बालकांड के संपूर्ण श्लोकों का समवेत पारायण किया, जिससे वातावरण आध्यात्मिक हो उठा।
कार्यक्रम के अंतर्गत महिलाओं द्वारा श्रीराम जन्मोत्सव और विवाह से जुड़े पारंपरिक लोकाचारों का निर्वहन भी किया गया।
इससे पूर्व उत्सव की पूर्व संध्या पर भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें रामायण ग्रंथ को श्रद्धापूर्वक मस्तक पर धारण कर श्रद्धालु भजन-कीर्तन करते हुए शामिल हुए। शोभायात्रा केदार खंड क्षेत्र की गलियों से होते हुए आश्रम पहुंची, जहां वैदिक विधि से ग्रंथ की स्थापना की गई।
कार्यक्रम में अन्नदानम चिदम्बर शास्त्री, सीवीबी सुब्रह्मण्यम, सिवा शर्मा एवं पप्पू कृष्ण प्रसाद सहित अन्य विद्वान उपस्थित रहे। आयोजन का संयोजन आश्रम के प्रबंधक वीवी सीताराम ने किया।
यह महोत्सव काशी की धार्मिक परंपरा और सांस्कृतिक विरासत को सशक्त करने के साथ ही सामाजिक एकता और आध्यात्मिक चेतना का संदेश देता है।
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