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वाराणसी में महिला आत्मसम्मान सम्मेलन : 2000 महिलाओं की भागीदारी, महिला सुरक्षा पर ‘जीरो टॉलरेंस’ का संदेश



 13/Mar/26

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर बड़ागांव में आयोजन, महिला अपराध में 75% तक कमी का दावा

वाराणसी । अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में कमिश्नरेट वाराणसी के गोमती जोन के थाना बड़ागांव क्षेत्र में महिला आत्मसम्मान सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। सम्मेलन में क्षेत्र के विभिन्न गांवों और मोहल्लों से लगभग 2000 महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम में पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।

इस अवसर पर डीसीपी गोमती आकाश पटेल, एडीसीपी गोमती नृपेन्द्र, एडीसीपी महिला अपराध नम्रिता श्रीवास्तव सहित गोमती जोन के सभी थानाध्यक्ष उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं से सीधा संवाद स्थापित करना, महिला सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर जागरूकता बढ़ाना और शासन की महिला सुरक्षा के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति के प्रभावों पर चर्चा करना रहा।

चुप्पी तोड़ो, खुलकर बोलो” – पुलिस आयुक्त

सम्मेलन को संबोधित करते हुए पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने कहा कि महिलाओं के विरुद्ध अपराध के मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या नरमी की कोई गुंजाइश नहीं है। उन्होंने महिलाओं से अपील करते हुए कहा कि वे किसी भी प्रकार की समस्या या अपराध की स्थिति में चुप न रहें और खुलकर अपनी बात सामने रखें।

उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार की सख्त नीति और पुलिस की सक्रिय कार्रवाई के कारण महिला सुरक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला है।

महिला अपराध में उल्लेखनीय कमी

पुलिस के अनुसार वर्ष 2017 से लगातार हर छोटी-बड़ी घटना को गंभीरता से लेते हुए अपराधियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की गई है, जिसके परिणामस्वरूप महिला अपराध के कई मामलों में बड़ी कमी दर्ज की गई है।

  • बलात्कार के मामलों में लगभग 74% कमी
  • छेड़खानी के मामलों में लगभग 55% कमी
  • महिला हत्या के मामलों में लगभग 60% कमी
  • पॉक्सो के मामलों में लगभग 52% कमी

इस प्रकार महिला अपराध में कुल मिलाकर 60 से 74 प्रतिशत तक कमी दर्ज की गई है।

अदालतों में बढ़ी सजा की दर

ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत महिला अपराध से जुड़े मामलों में पुलिस की प्रभावी पैरवी के कारण अदालतों में सजा की दर भी बढ़ी है।

  • वर्ष 2020-21 में 69 मामलों में 86 अभियुक्तों को सजा
  • वर्ष 2024 से मार्च 2026 तक 118 मामलों में 166 अपराधियों को सजा

वर्ष 2025 में एक मामले में मृत्युदंड, 10 मामलों में आजीवन कारावास, 31 मामलों में 10 वर्ष से अधिक की सजा, 9 मामलों में 5 से 10 वर्ष और 16 मामलों में 5 वर्ष तक की सजा दिलाई गई।

महिला सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण कदम

कार्यक्रम में महिला सुरक्षा के लिए किए जा रहे कई महत्वपूर्ण उपायों की जानकारी दी गई।

  • स्कूल, कोचिंग, हॉस्टल और जिम में सीसीटीवी कैमरे अनिवार्य
  • प्रत्येक थाने में मिशन शक्ति केंद्र की स्थापना
  • मिशन शक्ति केंद्रों में महिला पुलिस कर्मियों की तैनाती
  • महिला सुरक्षा से जुड़े जागरूकता अभियान लगातार संचालित

मिशन शक्ति कार्यक्रम के तहत स्कूल, कॉलेज और ग्राम पंचायतों में 5785 कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें 5,60,352 से अधिक महिलाओं और बालिकाओं को उनके अधिकारों, कानूनों, हेल्पलाइन नंबरों और सरकारी योजनाओं की जानकारी दी गई।

मिशन शक्ति अभियान का प्रभाव

लगातार चलाए जा रहे जागरूकता अभियानों के कारण सामाजिक स्तर पर भी सकारात्मक बदलाव देखने को मिला है। मिशन शक्ति केंद्र की स्थापना के मात्र पांच महीनों के भीतर दहेज हत्या के मामलों में लगभग 40 प्रतिशत और घरेलू हिंसा से जुड़े मामलों में 35 से 40 प्रतिशत तक कमी दर्ज की गई है।

रानी लक्ष्मीबाई योजना के तहत आर्थिक सहायता

महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए राज्य सरकार द्वारा संचालित रानी लक्ष्मीबाई महिला एवं बाल सम्मान कोष के माध्यम से वर्ष 2025 में 5,53,10,000 रुपये की आर्थिक सहायता महिलाओं को प्रदान की गई।

आत्मनिर्भर महिलाओं को सम्मान

सम्मेलन में विभिन्न क्षेत्रों में छोटे उद्यमों के माध्यम से आत्मनिर्भर बनी पांच महिलाओं को सम्मानित किया गया।

सम्मानित महिलाओं में डिम्पल (मशरूम उत्पादन), बबिता (सब्जी व्यवसाय), शांति (संकुल लेखापाल), अर्चना (पोल्ट्री फार्मिंग) और अनीता (आदर्श सीएलएफ अध्यक्ष) शामिल रहीं। इन महिलाओं ने अपने परिश्रम और संकल्प के माध्यम से आर्थिक आत्मनिर्भरता हासिल कर अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा का उदाहरण प्रस्तुत किया है।

महिलाओं की बढ़ती भागीदारी

कार्यक्रम में मौजूद महिलाओं ने भी अपने अनुभव साझा किए और बताया कि वर्तमान समय में उन्हें पुलिस पर पहले की तुलना में अधिक भरोसा है। कई महिलाओं ने कहा कि अब वे बिना भय के शिक्षा, रोजगार और सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग ले पा रही हैं।

सुरक्षा और सम्मान से ही समाज की प्रगति

महिला आत्मसम्मान सम्मेलन के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण में महिलाओं की भागीदारी ही समाज की वास्तविक प्रगति का आधार है। वाराणसी पुलिस ने महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

 


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