वाराणसी, 11 मार्च 2026। गौमाता को राज्यमाता घोषित करने और प्रदेश में पूर्ण रूप से गोकशी पर प्रतिबंध लगाने की मांग को लेकर काशी में गौभक्तों का बड़ा प्रदर्शन देखने को मिला। परमधर्माधिश ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगदगुरु शंकराचार्य द्वारा शुरू किए गए “गोप्रतिष्ठा धर्मयुद्ध शंखनाद” आंदोलन के समर्थन में बुधवार को वाराणसी के पर सैकड़ों गौभक्तों ने सामूहिक शंखनाद किया।
गौमाता को राज्यमाता घोषित करने की मांग
गौभक्तों ने उत्तर प्रदेश सरकार से मांग की कि गौमाता को राज्यमाता घोषित किया जाए और पूरे प्रदेश में गोकशी पर पूर्ण प्रतिबंध लागू किया जाए। शंकराचार्य द्वारा सरकार को दी गई 40 दिन की समयावधि पूर्ण होने के बाद लखनऊ में चल रहे आंदोलन के समर्थन में काशी में यह शंखनाद कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान एक रोचक दृश्य भी देखने को मिला जब एक गौमाता स्वयं शंखनाद स्थल पर पहुंच गई, जिसे गौभक्तों ने आस्था का प्रतीक बताते हुए इसे गौमाता का आशीर्वाद बताया।
राष्ट्रव्यापी आंदोलन का दावा
शंकराचार्य जी के मीडिया प्रभारी संजय पाण्डेय ने उपस्थित गौभक्तों को संबोधित करते हुए कहा कि सनातन धर्म की आत्मा गौमाता की रक्षा के लिए शंकराचार्य जी देशव्यापी आंदोलन चला रहे हैं। उनका कहना है कि इस आंदोलन को देशभर के करोड़ों सनातनी लोगों का समर्थन मिल रहा है।
उन्होंने कहा कि शंकराचार्य किसी भी राजनीतिक दल के समर्थन में नहीं हैं। जो भी दल गौमाता की रक्षा का संकल्प लेगा, उसे ही शंकराचार्य का समर्थन और आशीर्वाद मिलेगा।
सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
संजय पाण्डेय ने आरोप लगाया कि खुद को हिंदूवादी बताने वाली सरकार के शासनकाल में गोकशी की घटनाएं बढ़ी हैं। उन्होंने यह भी कहा कि गौमाता की रक्षा की आवाज उठाने वाले शंकराचार्य के खिलाफ साजिश के तहत झूठे मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं और उन्हें अपनी बात रखने से रोकने की कोशिश की जा रही है।
उन्होंने कहा कि जब तक गौमाता को राष्ट्र में “राष्ट्रमाता” और राज्यों में “राज्यमाता” का दर्जा नहीं दिया जाता, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा।
कार्यक्रम में ये लोग रहे मौजूद
अस्सी घाट पर आयोजित इस शंखनाद कार्यक्रम में महामृत्युंजय मंदिर के महंत किशन दक्षिण, कांग्रेस के नगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे, राकेश पाण्डेय, सरदार सतनाम सिंह, अरुण सोनी, सुनील श्रीवास्तव, प्रमोद वर्मा, पं. सदानंद तिवारी, संतोष चौरसिया, पुलक त्रिपाठी, हिमांशु सिंह, किशन यादव, के.के. द्विवेदी, शशिकांत यादव, श्रीश तिवारी, सुभाष सिंह, मिर्ची दुबे, आशीष पाण्डेय और प्रदीप पाण्डेय सहित सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।