एपेक्स हॉस्पिटल में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर महिलाओं के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हु चेयरमैन प्रो डॉ एसके सिंह के संरक्षण में निःशुल्क बोन मिनरल डेंसिटी टेस्ट शिविर का आयोजन किया गया। बढ़ती उम्र के साथ महिलाओं में थायरॉयड या हार्मोनल असंतुलन, रजोनिवृत्ति के बाद एस्ट्रोजन हार्मोन एवं कैल्शियम व विटामिन-D और शारीरिक गतिविधि में कमी आने से हड्डियाँ कमजोर एवं पोपली होने लगती, जिससे लगातार पीठ एवं कमर में दर्द, कूबड़, रीढ़ की लंबाई में कमी, मूवमेन्ट में कठिनाई और मामूली चोट या गिरने पर हड्डी टूटने का खतरा बढ़ जाता है कूबड़, महिलाओं में यह समस्या विशेष रूप से 40–50 वर्ष के बाद अधिक होती है।
एपेक्स हॉस्पिटल में परामर्श लेने एवं भर्ती मरीजों, उनके परिजनों सहित एपेक्स स्टाफ के 20 वर्ष से लेकर 80 वर्ष तक के बुजुर्गों विशेष कर महिलाओं ने निःशुल्क जाँच का लाभ उठाया। कुल 222 निःशुल्क बीएमडी जांच में 43 ऑस्टियोपोरोसिस ग्रसित, 123 नॉर्मल से ऊपर ऑस्टियोपेनिक पाए गए एपेक्स के ऑर्थोपेडिक विशेषज्ञों द्वारा मरीजों को परामर्श देते हुए फिज़िकल व्यायाम एवं डाइटिशियन द्वारा पोषण की सलाह दी गई। विशेषज्ञों ने अवगत कराया कि ऑस्टियोपोरोसिस एक ऐसी चिकित्सा स्थिति है जो उम्र के बढ़ने के साथ हड्डियों को नाजुक और कमजोर बनाती है। हड्डी इतनी नाजुक एवं खोखली हो जाती है कि गिरने, खांसने, छींकने और झुकने जैसे हल्के तनाव मात्र से ही गंभीर फ्रैक्चर हो सकता है और फ्रैक्चर आमतौर पर रीढ़, कलाई और कूल्हे पर होते हैं। उचित पौष्टिक-आहार एवं व्यायाम द्वारा इससे बचाव किया जा सकता है।