प्राप्त जानकारी के अनुसार, सिकरौल (कैंट) निवासी दीवानी न्यायालय कर्मचारी सुरेश सोनकर ने अपने अधिवक्ताओं—वरिष्ठ अधिवक्ता अनुज यादव, नरेश यादव, आकाश सोनकर व संदीप यादव—के माध्यम से अदालत में बीएनएसएस की धारा 173(4) के तहत प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया था। अदालत ने मामले की सुनवाई के बाद आरोपों को प्रथमदृष्टया संज्ञेय मानते हुए कार्रवाई का आदेश पारित किया।
आरोप है कि 20 जनवरी 2026 की रात लगभग 8 से 9 बजे के बीच भाजपा नेता मनोज कुमार सोनकर, उनकी पत्नी अन्नू सोनकर सहित अन्य नामजद लोग लाठी-डंडा और लोहे की रॉड लेकर पीड़ित के घर पहुंचे। कथित रूप से गाली-गलौज के बाद मारपीट की गई। बीच-बचाव करने पहुंचे परिवार के सदस्यों के साथ भी मारपीट का आरोप है।
प्रार्थना पत्र में यह भी आरोप लगाया गया है कि हमलावर घर में घुस आए और पीड़ित की पत्नी के गले से सोने की चेन छीनी गई, घर में रखी नकदी लगभग 30 हजार रुपये ले लिए गए तथा पुत्री के साथ छेड़छाड़ की गई। साथ ही घर के सामान को नुकसान पहुंचाने का भी आरोप है।
पीड़ित पक्ष का कहना है कि पुलिस में शिकायत के बावजूद कार्रवाई न होने पर उन्हें न्यायालय की शरण लेनी पड़ी। अब अदालत के आदेश के बाद पुलिस मामले की विधिक जांच करेगी।
वाराणसी कैंट में न्यायालय कर्मचारी के घर घुसकर हमला, लूट और छेड़छाड़ के आरोप में भाजपा नेता समेत नौ के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश
कोर्ट कर्मचारी पर हमले के मामले में भाजपा नेता सहित नौ नामजद, कैंट पुलिस को विवेचना का निर्देश