वाराणसी। पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट वाराणसी मोहित अग्रवाल ने राजपत्रित अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर आगामी होली एवं रमजान पर्व के मद्देनज़र कानून-व्यवस्था, यातायात प्रबंधन, महिला सुरक्षा, साइबर अपराध नियंत्रण तथा लंबित विवेचनाओं के निस्तारण पर विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए। बैठक में स्पष्ट किया गया कि किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और सभी अधिकारी जवाबदेह रहेंगे।
त्योहारों को लेकर विशेष निर्देश
होली जुलूस, मटका फोड़ एवं होलिका दहन केवल पारंपरिक स्थलों पर ही आयोजित किए जाएंगे। नई परंपरा या मार्ग परिवर्तन पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। धर्मगुरुओं, आयोजकों और शांति समिति के साथ समन्वय बैठक कर सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।
जुलूसों के साथ पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहेगा तथा मार्ग में पड़ने वाले धार्मिक स्थलों की विशेष निगरानी की जाएगी। डीजे संचालन पर निर्धारित ध्वनि मानक और समयसीमा का कड़ाई से पालन कराया जाएगा। रात्रि 10 बजे के बाद डीजे पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा।
सार्वजनिक मार्गों पर नमाज की अनुमति नहीं होगी। यातायात प्रबंधन के लिए पूर्व योजना, वैकल्पिक मार्ग और पर्याप्त पुलिस बल की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
यातायात व्यवस्था पर सख्ती
रांग साइड चलने वालों के विरुद्ध धारा 281 बीएनएस के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत किया जाएगा। बिना नंबर प्लेट वाहनों के खिलाफ नियमित कार्रवाई की जाएगी। ऑटो और ई-रिक्शा संचालकों को बारकोड प्रणाली का पालन करना अनिवार्य होगा।
अतिक्रमण हटाए जाने के बाद पुनः कब्जा होने पर संबंधित के विरुद्ध तत्काल वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। क्रिटिकल कॉरिडोर टीम को दुर्घटनाओं में वृद्धि की स्थिति में विस्तृत विश्लेषण कर प्रभावी प्रवर्तन के निर्देश दिए गए हैं।
विवेचना और डिजिटल मॉनिटरिंग
कोई भी विवेचना 60 दिनों से अधिक लंबित नहीं रहेगी। 60 दिनों से अधिक लंबित रखने के लिए अपर पुलिस आयुक्त (अपराध) की अनुमति आवश्यक होगी। सभी विवेचक समयबद्ध जांच पूर्ण कर नियमित प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे।
यक्ष एप, ई-समन और साक्ष्य एप (SID) के प्रभावी उपयोग पर विशेष जोर दिया गया। प्रत्येक सीन ऑफ क्राइम की अनिवार्य वीडियोग्राफी एवं फोटोग्राफी कर डिजिटल साक्ष्य अपलोड करने के निर्देश दिए गए हैं।
महिला अपराध और गुमशुदगी मामलों में तत्परता
महिला संबंधी प्रत्येक प्रकरण में तत्काल गुमशुदगी या एफआईआर दर्ज करना अनिवार्य किया गया है। शिकायत लेने में देरी या लापरवाही पाए जाने पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
प्रत्येक गुमशुदा प्रकरण में एक उपनिरीक्षक नामित कर तकनीकी एवं पारंपरिक माध्यमों से त्वरित ट्रेसिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। गांडीव पोर्टल, बैंक खाता, सीसीटीवी, IMEI तथा सोशल मीडिया विश्लेषण के माध्यम से जांच को मजबूत किया जाएगा।
साइबर अपराध, मिशन शक्ति और जल पुलिस
साइबर अपराध से संबंधित प्रत्येक शिकायत पर तत्काल जांच प्रारंभ की जाएगी। प्रत्येक थाने में नियुक्त साइबर प्रभारी को न्यूनतम पांच प्रकरण सौंपे जाएंगे और उनकी नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी।
कोचिंग, हॉस्टल और विद्यालयों के आसपास छेड़छाड़ या पीछा करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
जल पुलिस को बिना लाइफ जैकेट नाव संचालन पर तत्काल जब्ती की कार्रवाई करने को कहा गया है।
सीसीटीवी अभियान
हॉस्टल, कोचिंग संस्थान, विद्यालय, वित्तीय कार्यालय और सर्राफा दुकानों में अनिवार्य रूप से सीसीटीवी कैमरे स्थापित कराने के लिए नोटिस जारी कर समयबद्ध अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा।
निष्कर्ष
पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि कमिश्नरेट वाराणसी में कानून-व्यवस्था, महिला सुरक्षा, साइबर नियंत्रण और यातायात प्रबंधन सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी थाना प्रभारियों को संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर सक्रिय निगरानी और जवाबदेह पुलिसिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।