टैगलाइन : 3.85 किमी लंबा रोपवे 15 मिनट में तय करेगा कैंट से गोदौलिया सफर, मार्च 2026 तक फिनिशिंग का लक्ष्य
वाराणसी। जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने शुक्रवार को निर्माणाधीन वाराणसी रोपवे परियोजना का औचक निरीक्षण कर कार्यों की भौतिक प्रगति की समीक्षा की और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान रथयात्रा स्टेशन पर सिविल व फिनिशिंग कार्यों की स्थिति का आकलन किया गया।
परियोजना का क्रियान्वयन कर रही नेशनल हाइवेज लॉजिस्टिक्स मैनेजमेंट लिमिटेड (NHLML) के अभियंताओं ने बताया कि वाराणसी रोपवे की कुल लंबाई 3.85 किलोमीटर है। यह परियोजना वाराणसी कैंट स्टेशन को गोदौलिया चौक से जोड़ेगी। रोपवे की अधिकतम क्षमता 3,000 यात्रियों की है और यह प्रतिदिन 16 घंटे संचालित होगा। कैंट से गोदौलिया तक की दूरी लगभग 15 मिनट में पूरी की जा सकेगी। अधिकारियों के अनुसार परियोजना की भौतिक प्रगति 91.40 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है।
निरीक्षण के दौरान स्टेशन परिसर में प्रवेश और निकास व्यवस्था, यात्रियों की आवाजाही और सुरक्षा प्रबंधन की समीक्षा की गई। सुरक्षा व्यवस्था के तहत डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर (DFMD), हैंड-हेल्ड मेटल डिटेक्टर (HMD) और टर्नस्टाइल के माध्यम से नियंत्रित प्रवेश-निकास की व्यवस्था पर चर्चा हुई।
स्टेशन परिसर में प्रस्तावित फूड कोर्ट और वाणिज्यिक स्थानों की योजना, मौजूदा पार्किंग सुविधा तथा भविष्य में चार पहिया वाहनों की पार्किंग व्यवस्था पर भी विचार-विमर्श किया गया। सौर ऊर्जा के उपयोग को लेकर जानकारी दी गई कि स्टेशन पर स्थापित सोलर पैनलों की क्षमता 120 किलोवाट है।
रथयात्रा स्टेशन पर अंतिम रूप देने के कार्यों की समयसीमा के संबंध में कार्यदायी संस्था ने बताया कि फिनिशिंग कार्य 15 मार्च 2026 तक पूरा होने की संभावना है। जिलाधिकारी ने निर्माण कार्यों को निर्धारित मानकों और गुणवत्ता के अनुरूप समय पर पूर्ण कराने के निर्देश दिए।
इसके अतिरिक्त गोंडोला संचालन, यात्रियों के चढ़ने-उतरने की प्रक्रिया और परिचालन तैयारियों की भी विस्तृत जानकारी ली गई।