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वाराणसी में 11वीं एनडीआरएफ ने आपदा प्रबंधन, जीवन रक्षक कौशल और सामुदायिक तैयारी को लेकर किया जागरूकता अभियान
वाराणसी | Clown Times न्यूज़
वाराणसी। मुख्यालय, 11वीं एनडीआरएफ वाराणसी (उत्तर प्रदेश) के तत्वावधान में 10 फरवरी 2026 को काशी के प्राचीनतम, धार्मिक और सांस्कृतिक रूप से प्रतिष्ठित दशाश्वमेध घाट पर एक सामाजिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम एनडीआरएफ उप महानिरीक्षक श्री मनोज कुमार शर्मा के दिशा-निर्देशन में संपन्न हुआ।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जनसामान्य को आपदा प्रबंधन के सभी पहलुओं से परिचित कराना, दुर्घटना अथवा आपात स्थिति के समय उपयोगी विभिन्न जीवन रक्षक पद्धतियों और कौशल का प्रशिक्षण देना तथा एक जागरूक और सशक्त समाज का निर्माण करना रहा, जिससे आपदा के समय होने वाली जन-हानि को न्यूनतम स्तर तक लाया जा सके।
“जन जागरूकता ही सर्वोत्तम बचाव”
सामाजिक चेतना के इस कार्यक्रम के महत्व को रेखांकित करते हुए उप महानिरीक्षक श्री मनोज कुमार शर्मा ने कार्यक्रम में प्रतिभाग कर रहे लोगों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि किसी भी आपात स्थिति में सबसे अधिक प्रभावित स्थानीय समुदाय होता है, इसलिए आपात प्रतिक्रिया का प्रथम दायित्व भी स्थानीय जनसमुदाय पर ही होता है।
उन्होंने बताया कि यदि ऐसा समाज तैयार किया जाए, जहां प्रत्येक नागरिक को आपदा से निपटने संबंधी बुनियादी और जीवन रक्षक कौशल का ज्ञान हो, तो आपदाओं में होने वाली भीषण जन-हानि को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। इसी उद्देश्य से एनडीआरएफ निरंतर समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचकर जागरूकता फैलाने का कार्य करती है।
एनडीआरएफ की निरंतर भूमिका
ज्ञातव्य है कि एनडीआरएफ के बचाव कार्मिक वर्ष भर न केवल प्राकृतिक एवं मानव-निर्मित आपदाओं से जूझते हुए अमूल्य मानव जीवन की रक्षा करते हैं, बल्कि स्कूल सुरक्षा कार्यक्रम, क्षमता निर्माण कार्यक्रम, समुदाय जागरूकता अभियान तथा मॉक अभ्यास जैसे विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से समाज और सभी हितधारकों की क्षमता वृद्धि का कार्य भी निरंतर करते रहते हैं।
यह जागरूकता कार्यक्रम भी उसी श्रृंखला का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहा, जिसमें स्थानीय नागरिकों की सहभागिता उल्लेखनीय रही।