वाराणसी। वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट की काशी जोन पुलिस ने कोडीन युक्त कफ सिरप की अवैध तस्करी के एक बड़े और संगठित नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। थाना कोतवाली पुलिस की एसआईटी टीम ने इस मामले में 25-25 हजार रुपये के तीन इनामिया अपराधियों समेत कुल पांच अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है।
गिरफ्तार अभियुक्तों में अमित जायसवाल, दिवेश जायसवाल और अंकुश सिंह शामिल हैं, जिन पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित था। इनके साथ अभिनव कुमार यादव और घनश्याम मौर्य को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है। सभी आरोपी लंबे समय से फरार चल रहे थे और गिरफ्तारी से बचने के लिए स्थान बदलते रहते थे।
25 लाख बोतलों की तस्करी कर लगभग 40 करोड़ का किया अवैध कारोबार
पुलिस का दावा है कि गिरोह ने देश के कई राज्यों में करीब 25 लाख बोतल कफ सिरप की तस्करी कर लगभग 40 करोड़ रुपये का अवैध कारोबार किया।
पुलिस ने अभियुक्तों के पास से 46 अदद विदेशी मुद्रा और एक आईफोन बरामद किया है। सभी अभियुक्तों को 7 फरवरी 2026 को भोरसर लिंक रोड, मिर्जापुर बाईपास से गिरफ्तार किया गया।
यह कार्रवाई पुलिस आयुक्त वाराणसी के निर्देश पर अपराध नियंत्रण, वांछित अभियुक्तों की गिरफ्तारी और नशीली दवाओं के अवैध कारोबार पर रोक लगाने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत की गई।
पुलिस जांच में सामने आया है कि अभियुक्तों द्वारा आपराधिक षड्यंत्र के तहत फर्जी और कूटरचित जीएसटी इनवॉइस व ई-वे बिल तैयार किए जाते थे। इन दस्तावेजों के सहारे रांची (झारखंड) स्थित मेडिकल फर्मों के माध्यम से कोडीन युक्त न्यू फैंसाडिल कफ सिरप की बड़ी खेप खरीदी जाती थी, जिसे औषधीय उपयोग के बजाय नशे के उद्देश्य से विभिन्न राज्यों में सप्लाई किया जाता था।
पूछताछ के दौरान अभियुक्तों ने खुलासा किया कि पूरे नेटवर्क का संचालन वाराणसी से किया जा रहा था। केबीएन प्लाजा में नियमित रूप से बैठकों का आयोजन होता था, जहां तस्करी की योजना, फर्जी फर्म खोलने, नकद व आरटीजीएस के जरिए पैसे जमा कराने और हवाला के माध्यम से रकम इधर-उधर करने की रणनीति बनाई जाती थी।
पुलिस के अनुसार गिरोह ने तस्करी के जरिए करीब 40 करोड़ रुपये का अवैध लेन-देन किया, जिसमें से लगभग 8 करोड़ रुपये का सीधा आर्थिक लाभ अभियुक्तों ने अर्जित किया।
जांच में यह भी सामने आया है कि गिरोह का नेटवर्क उत्तर प्रदेश के अलावा पश्चिम बंगाल, बिहार और त्रिपुरा तक फैला हुआ था। कुछ राज्यों में कफ सिरप की खेप पकड़े जाने पर अभियुक्तों को नोटिस भी मिले थे, लेकिन फर्जी ई-वे बिल बनाकर जांच से बचने का प्रयास किया गया।
गिरफ्तार अभियुक्तों के खिलाफ थाना कोतवाली में दर्ज मुकदमा संख्या 235/2025 के तहत बीएनएस की विभिन्न धाराओं और एनडीपीएस एक्ट की गंभीर धाराओं में विधिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का कहना है कि मामले में शामिल अन्य फरार अभियुक्तों की तलाश जारी है और जल्द ही और गिरफ्तारियां की जाएंगी।