वाराणसी। उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश की मौजूदा सरकार संविधान की मूल भावना को कमजोर करने की दिशा में काम कर रही है और राज्य की व्यवस्था को बिगाड़ने का प्रयास किया जा रहा है। राय ने गोरखनाथ मठ के फंड की पारदर्शी जांच की भी मांग की।
“प्रदेश को बताना चाहिए—कितना चढ़ावा, कितना विकास?”
अजय राय ने कहा कि यह जानना जनता का अधिकार है कि गोरखनाथ मठ में कितना धन, सोना और चांदी के रूप में चढ़ावा आता है और इसका उपयोग कहां हो रहा है। साथ ही, राज्य के स्कूलों और कॉलेजों में आधुनिकीकरण के वास्तविक स्तर को भी सार्वजनिक किया जाना चाहिए।
उन्होंने बताया कि कांग्रेस प्रदेश में लगातार रैलियां कर रही है ताकि जनता तक उनकी आवाज़ पहुंच सके।
विधानसभा चुनाव 2027 के लिए माहौल तैयार
कांग्रेस की ये रैलियां आगामी विधानसभा चुनाव-2027 से पहले माहौल बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। राय ने कहा कि वाराणसी में होने वाली रैली पार्टी की पांचवीं बड़ी सभा होगी।
उन्होंने बताया कि इस आयोजन में प्रदेश के पांच सांसद, राष्ट्रीय प्रभारी अविनाश पांडेय, पवन खेड़ा और सुप्रिया श्रीनेत भी शामिल होंगे।
“योगी सरकार प्रदेश को नुकसान पहुंचा रही है”
प्रेस कॉन्फ्रेंस में राय ने कहा कि 8 फरवरी को शास्त्री घाट पर होने वाली रैली में भाजपा सरकार द्वारा संविधान और लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने के मुद्दे पर आवाज़ उठाई जाएगी।
राय ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग भाजपा के इशारों पर काम कर रहा है और आयोग की विश्वसनीयता सवालों के घेरे में है।
“जैसे मदरसों की जांच, वैसे ही गोरखनाथ मठ की भी हो पड़ताल”
राय ने कहा कि यदि सरकार मदरसों की जांच करा सकती है, तो गोरखनाथ मठ की भी स्वतंत्र जांच होना चाहिए।
उन्होंने सवाल उठाया कि मुख्यमंत्री बनने से पहले और बाद में मठ में आने वाले चढ़ावे में कितना अंतर आया है और इसका उपयोग कहां किया जा रहा है।
केजीएमयू और विदेश नीति पर भी साधा निशाना
कांग्रेस अध्यक्ष ने केजीएमयू परिसर स्थित दरगाह पर चादरपोशी कर शांतिपूर्वक समाज की कामना की।
उन्होंने केंद्र सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि भारत ने रूस और ईरान से तेल खरीदना कम कर दिया है, जबकि वेनेजुएला जैसी अर्थव्यवस्थाएं अमेरिका के प्रभाव में जा चुकी हैं।
अजय राय का आरोप है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अमेरिका के सामने पूरी तरह झुक गए हैं, जिससे देशहित प्रभावित हो रहा है।