कुलपति अजित कुमार चतुर्वेदी ने स्टॉलों का निरीक्षण किया और छात्रों की रचनात्मकता और उद्यमशीलता की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए महत्वपूर्ण हैं।
उत्सव में तीन प्रमुख ज़ोन बनाए गए थे: क्रिएटिव ज़ोन, इंटरएक्टिव ज़ोन और फूड ज़ोन। कुल 34 से अधिक स्टॉल लगाए गए, जिनमें छात्र अपनी कला, नवाचार और उद्यमशीलता का प्रदर्शन कर रहे थे।
क्रिएटिव ज़ोन में इस्तेमाल बोतलों से बने उत्पाद, 3डी कीचेन, हस्तनिर्मित क्राफ्ट और क्रोशे से बने गुलदस्ते व कीचेन प्रदर्शित किए गए। कुछ स्टॉलों पर फेस पेंटिंग, रंगीन धागों से हेयर ब्रेडिंग और नेल आर्ट जैसी सेवाएँ भी उपलब्ध थीं। बाल-कल्याण एनजीओ 'उड़ान' का स्टॉल विशेष आकर्षण का केंद्र रहा, जहां बच्चों द्वारा बनाए गए लकड़ी के कंघे और हस्तनिर्मित डायरियाँ प्रदर्शित की गईं।
इंटरएक्टिव ज़ोन में ब्लो द बॉल, रोल द डाइस और हेरा फेरी हीस्ट जैसे मनोरंजक खेल रखे गए। फूड ज़ोन में विभिन्न प्रकार के स्वादिष्ट व्यंजन उपलब्ध थे। इस अवसर पर हार्मनी एजुकेशन ट्रस्ट से जुड़े 20 से अधिक प्राथमिक विद्यालय के छात्रों ने भी भाग लिया और उन्हें स्टॉलों से उपहार प्रदान किए गए।
कार्यक्रम का समापन पुरस्कार वितरण समारोह के साथ हुआ। निर्णायक मंडल में डॉ. अरुणा (छात्र सलाहकार, सामाजिक विज्ञान संकाय), प्रो. मधु कपाड़िया (छात्र सलाहकार, विज्ञान संस्थान) और डॉ. तरुण वर्मा (कृषि विज्ञान संस्थान) शामिल थे। छात्र अधिष्ठाता रंजन कुमार सिंह ने सभी प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया और विजेताओं को बधाई दी।
विजेता सूची:
क्रिएटिव ज़ोन: तान्या सिंह और विवेकानंद (गिफ्टचीज़)
इंटरएक्टिव ज़ोन: अंजलि सिंह, अनन्या श्रीवास्तव, उषा कुमारी और रिया (द टॉस लैब)
फूड ज़ोन: एच. सप्तर्षि सिंघा, कुमारी आराध्या, गुरुमायुम ब्रेनेका देवी और सुधेशना चटर्जी (अच्छा पॉट)
यह उत्सव छात्रों की रचनात्मकता और सामूहिक सहभागिता का जीवंत उदाहरण साबित हुआ।