वाराणसी। बुलानाला स्थित साह नर्सिंग होम, जिसे पहले SAH नर्सिंग होम के नाम से जाना जाता था और जिसकी स्थापना वर्ष 1959 में स्वर्गीय डॉ. ए. पी. साह द्वारा की गई थी, एक बार फिर आधुनिक चिकित्सा के क्षेत्र में नई मिसाल कायम कर रहा है। अस्पताल में अत्याधुनिक स्टेम सेल तकनीक के माध्यम से आंखों के जटिल रोगों का सफल इलाज किया जा रहा है।
क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया से संबद्ध इस संस्थान में वरिष्ठ नेत्र चिकित्सक डॉ. सुनील साह और डॉ. ऋषभ साह के नेतृत्व में विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम द्वारा यह इलाज किया गया। इलाज के दौरान जांच के बाद यह निष्कर्ष निकाला गया कि मरीज आदित्य की आंख की गंभीर क्षति का एकमात्र समाधान स्टेम सेल तकनीक ही है।
मरीज आदित्य की एक आंख चूना गिरने के कारण बुरी तरह जल गई थी। विशेषज्ञों ने निर्णय लिया कि उसके दूसरे स्वस्थ आंख से स्टेम सेल लेकर क्षतिग्रस्त आंख का उपचार किया जाएगा। डॉक्टरों ने स्पष्ट किया कि स्वस्थ आंख से स्टेम सेल निकाले जाने से उस आंख पर किसी प्रकार का नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ता है।
सफल ऑपरेशन के बाद जब आदित्य फॉलो-अप जांच के लिए पुनः अस्पताल आया, तो उसकी आंखों की रोशनी वापस लौट चुकी थी और आंख पूरी तरह से स्वस्थ होने की दिशा में बढ़ रही थी। यह इलाज आधुनिक नेत्र चिकित्सा के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
साह नर्सिंग होम में यह इलाज अनुभवी विशेषज्ञों की टीम द्वारा किया गया, जिसमें डॉ. सुनील साह, डॉ. ऋषभ साह, डॉ. श्रीय केशरी, डॉ. प्रोसेनजीत मंडल सहित अन्य डॉक्टर शामिल रहे। साथ ही इस पूरे उपचार में इनरव्हील क्लब और साह हॉस्पिटल की पूरी टीम का महत्वपूर्ण योगदान रहा, जो प्रशंसा के पात्र हैं।
अस्पताल प्रशासन के अनुसार अब तक स्टेम सेल तकनीक के माध्यम से आधा दर्जन से अधिक मरीजों का इलाज सफलतापूर्वक किया जा चुका है, जिससे कई लोगों को नई रोशनी मिली है। यह तकनीक भविष्य में आंखों की गंभीर बीमारियों के इलाज में वरदान साबित हो रही है।
साह नर्सिंग होम लगातार आधुनिक तकनीकों को अपनाते हुए समाज को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने की दिशा में कार्य कर रहा है, जिससे वाराणसी ही नहीं बल्कि आसपास के जिलों के मरीज भी लाभान्वित हो रहे हैं।