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वरिष्ठ अधिवक्ता अनुज यादव की प्रभावी पैरवी से दहेज उत्पीड़न मामले में पति समेत पांच आरोपी दोषमुक्त



 22/Jan/26

वाराणसी |  दहेज में पांच लाख रुपये की मांग को लेकर विवाहिता से मारपीट और प्रताड़ना के मामले में अदालत ने पति समेत पांच आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया। विशेष मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कृष्ण कुमार की अदालत ने आरोप सिद्ध न होने पर संदेह का लाभ देते हुए सभी आरोपियों को बड़ी राहत प्रदान की।

अदालत ने पति राजेश शर्मा, सास माया शर्मा, पल्लवी शर्मा, सोनी शर्मा उर्फ एकता झा और आरती झा को बरी कर दिया। बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अनुज यादव, बृजपाल सिंह यादव उर्फ गुड्डू, नरेश यादव और संदीप यादव ने अदालत में प्रभावी ढंग से पक्ष रखा।

अभियोजन का आरोप

अभियोजन पक्ष के अनुसार, वादिनी निधि शर्मा ने 19 मई 2022 को थाना चौक में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोप था कि उसका विवाह 24 जून 2021 को सुनील शर्मा के साथ हुआ था। विवाह के समय वादिनी के पिता द्वारा सामर्थ्य के अनुसार दान-दहेज दिया गया था, लेकिन ससुराल पहुंचने के बाद पति व अन्य परिजन कम दहेज लाने का ताना देने लगे और पांच लाख रुपये की अतिरिक्त मांग करने लगे।

वादी का यह भी आरोप था कि मांग पूरी न होने पर उसके साथ मारपीट, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी दी जाती थी। 26 अप्रैल 2022 को पति उसे मायके छोड़ गया, जिसके बाद उसने पुलिस कमिश्नर, वाराणसी को प्रार्थनापत्र देकर न्याय की गुहार लगाई थी। कमिश्नर के आदेश पर चौक पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया।

कोर्ट का निर्णय

मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष अपने आरोपों को ठोस साक्ष्यों के माध्यम से सिद्ध नहीं कर सका। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने सभी आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया।

वहीं, विचारण के दौरान एक अन्य आरोपी कुसुम शर्मा की मृत्यु हो जाने के कारण उसके विरुद्ध न्यायिक कार्यवाही पहले ही समाप्त कर दी गई थी।

 


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