अजय राय ने कहा कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद हमारे धर्मगुरु हैं और उनके साथ किसी भी प्रकार का अन्याय कांग्रेस बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि उनके साथ कोई अन्याय नहीं हो रहा था, तो उन्हें कुंभ में उचित स्थान क्यों नहीं दिया गया। यह अपने आप में गंभीर प्रश्न है।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि उन्हें मणिकर्णिका घाट जाने से रोका गया, जो कि बेहद गंभीर मामला है। महाराष्ट्र कांग्रेस के वरिष्ठ नेता नाना पटोले ने कहा कि पुलिस की सख्ती के चलते वे मणिकर्णिका घाट नहीं जा सके। इसके बाद उन्होंने काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन किए।
नाना पटोले ने कहा कि किसी धार्मिक स्थल पर जाने से रोकना यह संकेत देता है कि कहीं न कहीं कुछ गड़बड़ है। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि धार्मिक स्वतंत्रता को सीमित किया जा रहा है।
कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि यह मामला केवल एक धर्मगुरु से जुड़ा नहीं है, बल्कि समाज के मूल्यों और सिद्धांतों की रक्षा से जुड़ा हुआ है। अजय राय ने कहा कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के सम्मान और अधिकारों की रक्षा के लिए कांग्रेस हर स्तर पर संघर्ष करेगी।
पटोले ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार द्वारा एआई (AI) को लेकर जो दावे किए जा रहे हैं, वे भ्रामक हैं और सच्चाई से दूर हैं। कांग्रेस आगे भी इस मुद्दे को लेकर आंदोलन जारी रखेगी।
कांग्रेस नेताओं ने एक स्वर में कहा कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के साथ हो रहे अन्याय के खिलाफ कांग्रेस पूरी ताकत से आंदोलन करेगी। यह आंदोलन न केवल एक धर्मगुरु के सम्मान की रक्षा के लिए होगा, बल्कि समाज में धार्मिक गरिमा और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए भी एक अहम कदम साबित होगा।
कांग्रेस के इस रुख से यह संकेत मिलता है कि पार्टी धार्मिक और सामाजिक मुद्दों पर भी सक्रिय भूमिका निभाने के लिए तैयार है। वाराणसी से उठी यह आवाज़ आने वाले दिनों में राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर बड़ा असर डाल सकती है।