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वाराणसी के मणिकर्णिका घाट सुंदरीकरण को लेकर अफवाह फैलाने वालों पर FIR



 18/Jan/26

AI जनरेटेड तस्वीरें और भ्रामक सूचना फैलाने पर 8 अभियोग दर्ज, 8 व्यक्ति व X हैंडल नामजद

वाराणसी | 17 जनवरी 2026 | वाराणसी के प्रसिद्ध मणिकर्णिका घाट के सुंदरीकरण कार्य को लेकर अफवाह एवं भ्रामक सूचना फैलाने के मामले में पुलिस ने सख्त कार्रवाई की है। इस संबंध में थाना चौक पर 8 अलग-अलग अभियोग पंजीकृत किए गए हैं। पुलिस द्वारा 8 व्यक्तियों एवं X (पूर्व में ट्विटर) हैंडल को नामजद करते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 196, 298, 299 और 353 के अंतर्गत मुकदमा दर्ज किया गया है।
सोशल मीडिया पर भ्रामक पोस्ट से बिगाड़ा गया सामाजिक सौहार्द
प्राप्त जानकारी के अनुसार X हैंडल पर मणिकर्णिका घाट के सुंदरीकरण कार्य को लेकर वास्तविक तथ्यों के विपरीत पोस्ट साझा की गईं। इन पोस्टों में हिंदू देवी-देवताओं से जुड़ी तस्वीरों का उपयोग करते हुए आमजन को गुमराह करने का प्रयास किया गया, जिससे समाज में आक्रोश फैलने और सामाजिक सौहार्द खराब होने की स्थिति उत्पन्न हुई।
कंपनी प्रतिनिधि की शिकायत पर दर्ज हुआ मुकदमा
इस मामले में Mano पुत्र Pachamal, निवासी वी. सेतुराजापुरम, थाना पेरूनाला, जनपद रामनाथपुरम, तमिलनाडु द्वारा थाना चौक में शिकायती प्रार्थना पत्र दिया गया। उन्होंने बताया कि उनकी कंपनी द्वारा मणिकर्णिका घाट पर स्थापना सुविधाओं को सुदृढ़ करने एवं सुंदरीकरण का कार्य 15 नवंबर 2025 से प्रारंभ किया गया है।
X हैंडल यूजर पर गंभीर आरोप
शिकायत के अनुसार X हैंडल यूजर Ashutosh Potnis (@daksinapathpati) द्वारा 16 जनवरी 2026 को रात 10:02 बजे मणिकर्णिका घाट के सुंदरीकरण कार्य से संबंधित AI जनरेटेड एवं भ्रामक तस्वीरें साझा की गईं, जो वास्तविक तथ्यों के विपरीत थीं। इन पोस्टों के माध्यम से हिंदू धर्म में आस्था रखने वाले लोगों को भ्रमित किया गया तथा समाज में आक्रोश उत्पन्न किया गया।
सरकार को औरंगजेब से जोड़ने का आरोप
शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि पोस्ट के माध्यम से भारत सरकार को विदेशी आक्रांता औरंगजेब से जोड़ा गया, जिससे सरकार में आस्था रखने वाले नागरिकों में रोष उत्पन्न हुआ। इसके बाद X हैंडल पर बड़ी संख्या में आपत्तिजनक टिप्पणियां और री-पोस्ट किए गए, जिससे सामाजिक सौहार्द और अधिक प्रभावित हुआ।
स्क्रीनशॉट साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत
शिकायतकर्ता द्वारा X हैंडल पर साझा की गई पोस्ट के स्क्रीनशॉट भी अपने प्रार्थना पत्र के साथ पुलिस को सौंपे गए हैं। पुलिस का कहना है कि संबंधित X हैंडल यूजर तथा पोस्ट पर टिप्पणी और री-पोस्ट करने वालों की भूमिका की जांच की जा रही है।
पुलिस की अपील
पुलिस प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि अफवाहों, भ्रामक सूचनाओं एवं AI जनरेटेड कंटेंट पर विश्वास न करें और किसी भी आपत्तिजनक पोस्ट को साझा करने से पहले उसकी सत्यता की जांच अवश्य करें।


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