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अवैध निर्माण को 15 दिन के अंदर हटा लें  नहीं तो होगी ध्वस्तीकरण कार्यवाही



 16/Jan/26

फेसबुक एवं अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर प्रसारित वीडियो के विषय में स्पष्ट करना है कि संदर्भित स्थल सक्काघाट, मुकीमगंज वार्ड-आदमपुर में लगभग 350 वर्ग मी० के भूमि क्षेत्रफल में स्थल पर गंगा नदी के समीप विशाल यादव पुत्र सुरेश कुमार यादव द्वारा काटेजनुमा निर्माण किया जा रहा था। प्राप्त सूचना के क्रम में संदर्भित क्षेत्र के ज़ोनल अधिकारी द्वारा स्थल पर जांच करते हुये किये जा रहे निर्माण के अनुमति व वैधता के संबंध में जानकारी करने पर निर्माणकर्ताओं द्वारा निर्माण अनुमति नहीं प्रस्तुत की जा सकी जिस पर स्थल निरीक्षण के दौरान तत्काल निर्माण कार्य को बन्द कराते हुए निर्माणकर्ता पक्ष को प्रश्नगत निर्माण के विरूद्ध उ०प्र० नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम-1973 की सुसंगत धाराओं के अन्तर्गत नोटिस की कार्यवाही की गई।

गंगा नदी के तट के किनारे एवं उच्चतम बाद बिंदु क्षेत्र में किसी भी प्रकार का स्थाई अथवा अस्थाई प्रकृति का निर्माण किया जाना जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण मंत्रालय, भारत सरकार के द्वारा जारी अधिसूचना संख्या 2458 दिनांक 07 अक्टूबर 2016 के प्रस्तर 6.3 में प्रदत्त आदेश के द्वारा पूर्णतः प्रतिबंधित है। संदर्भित निर्माण स्थल गंगा नदी के तट पर अवस्थित है, जहां किसी भी प्रकार के निर्माण / विकास कार्य हेतु नेशनल मिशन फार क्लीन गंगा के द्वारा निर्धारित विधिक प्रक्रिया का पालन करते हुये निर्माणकर्ता को अपनी परियोजना हेतु अनुमति प्राप्त करनी आवश्यक है।

प्रश्नगत प्रकरण में निर्माणकर्ता द्वारा सुनवाई की तिथि पर उपस्थित होकर प्रत्युत्तर प्रस्तुत किया गया, जिसमें किसी भी प्रकार की सक्षम स्वीकृति नहीं प्रस्तुत की गयी। गंगा नदी के उच्चतम बाढ़ बिन्दु से 200 मी० के अन्तर्गत होने के कारण प्रश्नगत निर्माण शमनीय नहीं है। अतः प्रकरण में नियमानुसार अग्रिम कार्यवाही करते हुए दिनांक-02.01.2026 को ध्वस्तीकरण आदेश पारित किया गया है तथा भू-स्वामी को निर्देशित किया गया है कि वह स्वतः प्रश्नगत अवैध निर्माण को 15 दिन के अंदर हटा लें अन्यथा प्राधिकरण द्वारा नियमानुसार ध्वस्तीकरण कार्यवाही की जायेगी।

 


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