MENU

संजय मिश्रा और विजय यादव की कड़ी बहस के बाद कैलाश यादव की अग्रिम जमानत खारिज



 14/Jan/26

वाराणसी। थाना चौक क्षेत्र के यादव कटरा स्थित दुकान/गोदाम विवाद मामले में अधिवक्ता संजय मिश्रा एवं अधिवक्ता विजय यादव द्वारा अभियुक्त की अग्रिम जमानत का जोरदार विरोध किए जाने के बाद जिला एवं सत्र न्यायालय, वाराणसी ने अभियुक्त कैलाश नाथ यादव उर्फ कैलाश यादव की अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया।

यह मामला मु..सं.-156/2025, धारा 351(2), 352, 331(4), 324(2), 305(ए) बीएनएस, थाना चौक, वाराणसी से संबंधित है।

पूरा घटनाक्रम

अभियोजन कथानक के अनुसार वादी मुकदमा यादव कटरा, सी.के. 43/3 हड़हा, थाना चौक, वाराणसी में स्थित 8x10 की दुकान में वर्ष 1985 से किरायेदार के रूप में आबाद है और उसे रेडीमेड कपड़ों के गोदाम के रूप में प्रयोग करता रहा है।

आरोप है कि 19 अक्टूबर 2025 की रात्रि अभियुक्त कैलाश यादव ने वादी के गोदाम का ताला तोड़कर उसमें रखा लगभग 10 लाख रुपये मूल्य का कपड़ा चोरी कर लिया तथा दुकान की दीवार तोड़कर उसे अपनी दुकान में मिला लिया। विरोध करने पर वादी को गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी दी गई। घटना की सूचना 112 पर दी गई, लेकिन पुलिस कार्यवाही न होने पर वादी ने न्यायालय की शरण ली, जिसके आदेश पर प्राथमिकी दर्ज की गई।

जमानत का कड़ा विरोध

अग्रिम जमानत सुनवाई के दौरान अधिवक्ता संजय मिश्रा और अधिवक्ता विजय यादव ने संयुक्त रूप से अभियुक्त की जमानत का कड़ा विरोध किया। दोनों अधिवक्ताओं ने न्यायालय के समक्ष तर्क रखा कि

मामला गंभीर प्रकृति का है

रात्रि में ताला तोड़कर चोरी और दीवार गिराने की घटना आपराधिक कृत्य है

चोरी का माल अब तक बरामद नहीं हुआ है

विवेचना लंबित है और अभियुक्त जांच में सहयोग नहीं कर रहा

अभियुक्त के विरुद्ध पूर्व में भी आपराधिक मामला दर्ज है, जिसमें एनबीडब्ल्यू जारी हो चुका है

अधिवक्ताओं ने यह भी कहा कि किसी मकान मालिक को कानून हाथ में लेने का अधिकार नहीं है और यदि किरायेदारी को लेकर कोई विवाद था तो उसे विधिक प्रक्रिया से सुलझाया जाना चाहिए था।

कोर्ट की टिप्पणी

न्यायालय ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने, थाना रिपोर्ट, उपलब्ध दस्तावेजों और वीडियो साक्ष्यों के अवलोकन के बाद माना कि

अभियुक्त पर गंभीर आरोप हैं

धारा 331(4) बीएनएस में 14 वर्ष तक की सजा का प्रावधान है

चोरी का माल बरामद होना शेष है

अभियुक्त का आपराधिक इतिहास सामने आया है

इन तथ्यों को ध्यान में रखते हुए न्यायालय ने कहा कि यह अग्रिम जमानत देने का उपयुक्त मामला नहीं है।

आदेश

अंततः जिला एवं सत्र न्यायालय, वाराणसी ने अभियुक्त कैलाश नाथ यादव उर्फ कैलाश यादव की अग्रिम जमानत याचिका को निरस्त कर दिया।

 


इस खबर को शेयर करें

Leave a Comment

1529


सबरंग