वास्तविक आयोजक स्वयं काशी है, यह उत्सव उसकी आत्मा से संवाद है : बृजेश सिंह, सचिव
वाराणसी, 10 जनवरी 2026। काशी की चिरंतन, वैश्विक और संवादपरक साहित्यिक-सांस्कृतिक परंपरा को अंतरराष्ट्रीय मंच पर पुनः स्थापित करने के उद्देश्य से आयोजित होने वाले Banaras Lit Fest काशी साहित्य-कला उत्सव (चतुर्थ संस्करण) की तैयारियाँ अंतिम चरण में पहुँच चुकी हैं। यह तीन दिवसीय भव्य आयोजन 30 जनवरी से 1 फरवरी 2026 तक होटल ताज, वाराणसी में संपन्न होगा।
इस अवसर पर आयोजित दूसरी प्रेस वार्ता में नव भारत निर्माण समिति एवं बनारस लिट फेस्ट आयोजन समिति ने उत्सव की विस्तृत रूपरेखा, सत्रों की संरचना, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों तथा देश-विदेश से आने वाले प्रतिष्ठित अतिथियों की जानकारी साझा की।
आयोजन समिति के अध्यक्ष डॉ. दीपक माधोक ने कहा,
“Banaras Lit Fest केवल एक साहित्यिक आयोजन नहीं है, बल्कि भाषा, समाज, कला, संगीत, लोक-परंपरा, शास्त्रीय चेतना, शिक्षा, विज्ञान, तकनीक और समकालीन विमर्श का साझा उत्सव है। वास्तविक अर्थों में इस आयोजन का आयोजक स्वयं काशी है और हर साहित्य-संस्कृति प्रेमी इसका स्वाभाविक सहभागी है।”
उन्होंने बताया कि यह उत्सव काशी की सारस्वत परंपरा, लोकतांत्रिक चेतना और वैचारिक सहिष्णुता को वैश्विक संवाद से जोड़ने का सशक्त प्रयास है।
250 से अधिक राष्ट्रीय-अन्तराष्ट्रीय हस्तियॉं करेंगी सहभागिता
उत्सव में देश-विदेश से 250 से अधिक लेखक, कवि, कलाकार, विचारक, पत्रकार, शिक्षाविद् एवं सांस्कृतिक प्रतिनिधि भाग लेंगे। पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद सार्वजनिक की गई अतिथियों की सूची को साहित्यिक और बौद्धिक जगत से व्यापक सराहना मिली थी, जिसे अब और विस्तारित किया गया है।
प्रमुख अतिथियों मे पीयूष मिश्रा, अशोक वाजपेयी, अनुपम खेर, दामोदर मौजो, डैन मॉरिसन, पद्मश्री मालिनी अवस्थी, पद्मश्री गोपीचंद, पद्मश्री निरंजन गोस्वामी, अरुण कमल, गगन गिल, ममता कालिया, बद्री नारायण, पेगी मोहन, राकेश कुमार सिंह, कनिष्का गुप्ता, मनीष खुराना, अर्चना गोराडिया गुप्ता सहित अनेक ख्यातनाम साहित्यकार, कलाकार और विचारक शामिल होंगे।
इसके साथ ही पूर्वांचल एवं देश के विभिन्न हिस्सों से जुड़े वरिष्ठ एवं युवा रचनाकार, लोक-कलाकार, रंगकर्मी और नवोदित प्रतिभाएँ भी मंच साझा करेंगी।
साहित्य, कला और विचारों का समन्वित मंच
इस वर्ष के आयोजन में हिंदी, संस्कृत, अंग्रेज़ी सहित अनेक भारतीय भाषाओं का व्यापक प्रतिनिधित्व होगा। कार्यक्रम में कविता, कथा, आलोचना, नाटक, सिनेमा, पत्रकारिता, लोक एवं शास्त्रीय संगीत, नृत्य, रंगमंच और दृश्य-कला को विशेष स्थान दिया गया है।
युवाओं के लिए AI, विज्ञान, शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल और सामाजिक सरोकारों पर केंद्रित विशेष सत्र भी आयोजित किए जाएंगे।
प्रमुख सत्र और प्रस्तुतियाँ
लोकतांत्रिक मूल्यों से जुड़ा आयोजन
आयोजन समिति के सचिव बृजेश सिंह ने कहा कि काशी की ज्ञान-विद्या-साहित्य परंपरा संवाद, सहिष्णुता और सृजनात्मकता की रही है। Banaras Lit Fest इसी लोकतांत्रिक चेतना को आगे बढ़ाते हुए समाज और सभ्यता से संवाद स्थापित करता है।
आयोजन विवरण
आयोजन: Banaras Lit Fest – काशी साहित्य-कला उत्सव (चतुर्थ संस्करण)
तिथि: 30 जनवरी से 1 फरवरी 2026
स्थान: होटल ताज, वाराणसी
प्रवेश: सभी के लिए निःशुल्क