MENU

वाराणसी विकास प्राधिकरण के VC पुर्ण बोरा ने अवैध प्लाटिंग और निर्माण के विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही के लिए जोनल, JE, सुपरवाइजरों लिए किया प्रशिक्षण कार्यक्रम



 06/Jan/26

वाराणसी 05 जनवरी 2026 को वाराणसी विकास प्राधिकरण, वाराणसी के सभागार में उपाध्यक्ष पुर्ण बोरा के निर्देशानुसार जोनल अधिकारियों, अवर अभियंताओं (जेई) एवं सुपरवाइजरों के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य शहर में बढ़ रही अवैध प्लाटिंग एवं अवैध निर्माण पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना तथा फील्ड स्तर पर कार्यरत कार्मिकों को उनके दायित्वों के प्रति और अधिक सक्षम एवं जागरूक बनाना रहा।

प्रशिक्षण के दौरान उपाध्यक्ष ने कहा कि अवैध प्लाटिंग और बिना स्वीकृत मानचित्र के निर्माण न केवल शहर के नियोजित विकास में बाधा उत्पन्न करते हैं, बल्कि भविष्य में आम नागरिकों के लिए गंभीर समस्याएं भी खड़ी करते हैं। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी जोनल अधिकारी, जेई एवं सुपरवाइजर अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित भ्रमण कर अवैध गतिविधियों पर सतत निगरानी रखें और प्रारंभिक स्तर पर ही ऐसी गतिविधियों को रोका जाए।
प्रशिक्षण सत्र में सुपरवाइजरों को विशेष रूप से यह बताया गया कि अवैध प्लाटिंग अथवा निर्माण की पहचान कैसे की जाए, मौके पर तत्काल क्या कार्यवाही की जाए तथा संबंधित प्रकरणों की रिपोर्टिंग किस प्रकार उच्चाधिकारियों को की जाए। इसके साथ ही यह भी निर्देशित किया गया कि किसी भी प्रकार के दबाव या प्रलोभन में आए बिना नियमों के अनुसार कठोर कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।
उपाध्यक्ष महोदय द्वारा यह भी कहा गया कि केवल कार्यवाही करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि आम जनमानस को जागरूक करना भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने निर्देश दिए कि फील्ड स्टाफ स्थानीय नागरिकों, कॉलोनाइजरों एवं बिल्डरों को यह स्पष्ट रूप से जानकारी दें कि मानचित्र एवं लेआउट स्वीकृत कराए बिना किसी भी प्रकार का निर्माण या प्लाटिंग करना अवैध है। नागरिकों को यह समझाया जाए कि स्वीकृत मानचित्र के अनुसार निर्माण करने से उन्हें भविष्य में किसी भी प्रकार की कानूनी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।

वाराणसी विकास प्राधिकरण द्वारा सूचित किया जाता है कि विकास क्षेत्र के अंतर्गत हाल ही में सम्मिलित किए गए 215 गाँव, जिनका भू-उपयोग महायोजना–2031 के अंतर्गत अभी तक अभिसूचित नहीं है, में कृषि योग्य भूमि पर प्लॉटिंग की अनुमति होगी। तथापि, प्लॉटिंग का कार्य वाराणसी विकास प्राधिकरण से लेआउट स्वीकृत कराए जाने के उपरांत ही किया जाएगा।
प्लॉटिंग के लिए यह अनिवार्य होगा कि प्लाट की पहुँच मार्ग (एक्सेस रोड) की चौड़ाई न्यूनतम 09 मीटर हो। साथ ही, यदि प्लॉटिंग का कुल क्षेत्रफल 3000 वर्ग मीटर या उससे अधिक हो, तो कुल क्षेत्रफल का न्यूनतम 15 प्रतिशत भाग पार्क/हरित क्षेत्र के रूप में आरक्षित किया जाना अनिवार्य होगा।


इस खबर को शेयर करें

Leave a Comment

2057


सबरंग