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काशी में पीएम मोदी ने वर्चुअल संबोधन से 72वीं सीनियर नेशनल वॉलीबॉल चैंपियनशिप का किया शुभारंभ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया विधिवत उद्घाटन



 04/Jan/26

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बोले खेल केवल समय बिताने का माध्यम नहीं बल्कि जीवन के सर्वांगीण विकास का आधार हैं यह आयोजन काशी और उत्तर प्रदेश के लिए गौरव का क्षण

वाराणसी। काशी में खेल इतिहास का नया अध्याय जुड़ गया है। सिगरा स्थित डॉ. संपूर्णानंद स्पोर्ट्स स्टेडियम में रविवार को 72वीं सीनियर नेशनल वॉलीबॉल चैंपियनशिप का भव्य शुभारंभ हुआ। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअल रूप से जुड़कर प्रतियोगिता में भाग ले रहे विभिन्न प्रांतों से आये खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। तत्पश्चात् उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वॉलीबॉल चैंपियनशिप का भव्य उद्घाटन किया। कार्यक्रम शुरू होते ही जैसे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी वर्चुअल माध्यम से जुड़े, पूरा स्टेडियम ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से गूंज उठा। पीएम मोदी ने अपने संबोधन की शुरुआत “नमः पार्वती पतये हर-हर महादेव” के उद्घोष के साथ की और खिलाड़ियों, कोचों व आयोजन से जुड़े कार्यकर्ताओं का अभिवादन किया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि “एक कहावत है-बनारस के जानल चाहत हउआ, त बनारस आवे के पड़ी… अब आप सभी बनारस आ गए हैं, तो यहां की संस्कृति को भी करीब से समझेंगे।” उन्होंने कहा कि वॉलीबॉल ऐसा खेल है जो टीम फर्स्ट का संदेश देता है। “इस खेल में कोई अकेला नहीं जीतता, टीम की जीत से ही सबकी जीत होती है। यही भावना हमारे देश में भी है-इंडिया फर्स्ट।” उन्होंने खिलाड़ियों को उत्साहवर्धक दर्शकों और काशी के माहौल का अनुभव लेने की भी बात कही।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि खेल केवल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण का माध्यम हैं। वॉलीबॉल हमें सिखाती है कि जीत अकेले संभव नहीं होती, बल्कि समन्वय, विश्वास और टीम भावना से ही सफलता मिलती है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचना किसी भी खिलाड़ी के लिए आसान नहीं होता। वर्षों की मेहनत, अनुशासन और संकल्प के बाद खिलाड़ी इस मंच तक पहुंचते हैं। अब काशी के मैदान पर उनकी तपस्या की परीक्षा होगी। उन्होंने चैंपियनशिप में भाग ले रहे सभी खिलाड़ियों को शुभकामनाएं दीं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि देश के 28 से अधिक राज्यों की टीमें इस प्रतियोगिता में भाग ले रही हैं, जो ‘एक भारत–श्रेष्ठ भारत’ की सजीव तस्वीर प्रस्तुत करती हैं। काशी केवल मोक्ष नहीं, खेल प्रेम की भी भूमि है। उन्होंने कहा कि बनारस केवल अध्यात्म, संगीत और संस्कृति की नगरी नहीं है, बल्कि यह खेलों की भी समृद्ध परंपरा रखती है। कुश्ती, मुक्केबाजी, नौका दौड़ और कबड्डी जैसे खेलों में काशी ने देश को कई राष्ट्रीय खिलाड़ी दिए हैं। काशी हिंदू विश्वविद्यालय और अन्य संस्थानों के खिलाड़ियों ने राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि वॉलीबॉल संतुलन, सहयोग और संकल्प शक्ति का खेल है। बॉल को हर हाल में ऊपर रखना ही इसका मंत्र है। यह खेल सिखाता है कि हर खिलाड़ी की भूमिका अहम होती है और सफलता तभी मिलती है, जब सभी अपनी जिम्मेदारी ईमानदारी से निभाएं। उन्होंने कहा कि भारत की विकास यात्रा भी इसी भावना से आगे बढ़ रही है-स्वच्छता अभियान से लेकर डिजिटल भुगतान तक, ‘मेक इन इंडिया’ से लेकर विकसित भारत के लक्ष्य तक।

प्रधानमंत्री ने कहा कि 2014 के बाद भारत का खेल मॉडल एथलीट-केंद्रित हुआ है। टैलेंट की वैज्ञानिक पहचान, आधुनिक प्रशिक्षण, पोषण और पारदर्शी चयन प्रक्रिया से खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का अवसर मिला है। आज खेल बजट बढ़ा है और भारत का प्रदर्शन अंतरराष्ट्रीय मंचों पर लगातार बेहतर हुआ है। उन्होंने कहा कि भारत अब केवल विकास का नहीं, बल्कि खेलों का भी वैश्विक केंद्र बन रहा है। खेलो इंडिया, राष्ट्रीय खेल नीति और खेल संगठनों में पारदर्शिता ने युवाओं को आगे बढ़ने का मंच दिया है।

प्रधानमंत्री ने बताया कि 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स और 2036 ओलंपिक की मेजबानी के लिए भारत गंभीरता से प्रयास कर रहा है, ताकि खिलाड़ियों को अधिक से अधिक अवसर मिल सकें। उन्होंने कहा कि खेल अवसंरचना में हुए बदलाव का लाभ काशी को भी मिला है। आधुनिक स्टेडियम और बड़े आयोजनों ने वाराणसी को राष्ट्रीय खेल मानचित्र पर नई पहचान दी है। जी-20 बैठक, प्रवासी भारतीय सम्मेलन और अब नेशनल वॉलीबॉल चैंपियनशिप- काशी लगातार बड़े आयोजनों का केंद्र बन रही है।

प्रधानमंत्री ने खिलाड़ियों से अपील की कि वे काशी की ठंड, यहां के स्वाद, बाबा विश्वनाथ के दर्शन और गंगा में नौका विहार का अनुभव जरूर साथ ले जाएं। उन्होंने अंत में खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह चैंपियनशिप भारत के खेल सपनों को नई ऊंचाई देगी।

तत्पश्चात् उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चैंपियनशिप का विधिवत् उद्घाटन करने के बाद खिलाड़ियों एवं भारी संख्या में उपस्थित खिलाड़ियों, जनप्रतिनिधियों और खेल प्रेमियों का स्वागत व अभिनंदन किया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वर्चुअल संबोधन के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह आयोजन काशी और उत्तर प्रदेश के लिए गौरव का क्षण है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बीते साढ़े ग्यारह वर्षों में देश ने अभूतपूर्व परिवर्तन देखा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने अपनी प्राचीन विरासत के साथ आधुनिक विकास का ऐसा मॉडल प्रस्तुत किया है, जिस पर आज हर भारतवासी गर्व कर रहा है। जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से समाज के अंतिम पायदान पर खड़ा व्यक्ति भी शासन की योजनाओं का लाभ लेकर आत्मनिर्भर बन रहा है।

उन्होंने कहा कि खेल केवल समय बिताने का माध्यम नहीं, बल्कि जीवन के सर्वांगीण विकास का आधार हैं। भारतीय मनीषा प्राचीन काल से ही यह सिखाती आई है कि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मन और सफल जीवन का वास होता है। इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए ‘खेलो इंडिया’, ‘फिट इंडिया मूवमेंट’, सांसद खेलकूद प्रतियोगिता और प्रदेश में विकसित हो रहे आधुनिक खेल अवसंरचना ने खेल संस्कृति को नई दिशा दी है।

उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में गांव से लेकर शहर तक खेल प्रतिभाओं को मंच देने का कार्य हुआ है। आज ग्रामीण अंचल से राष्ट्रीय स्तर तक खिलाड़ी उभर रहे हैं। प्रत्येक गांव में खेल का मैदान, विकासखंड स्तर पर मिनी स्टेडियम और नगर निकायों में खेल सुविधाओं को प्राथमिकता दी जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 45 वर्षों बाद वाराणसी में सीनियर नेशनल वॉलीबॉल चैंपियनशिप का आयोजन इस बात का प्रमाण है कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में प्रदेश में खेलों का आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित हुआ है। स्मार्ट सिटी मिशन के तहत बनी सुविधाएं और साई (SAI) के साथ हुए एमओयू से खिलाड़ियों को उच्चस्तरीय प्रशिक्षण मिलेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विश्वास जताया कि यह आयोजन न केवल काशी बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश को खेल के राष्ट्रीय मानचित्र पर नई पहचान दिलाएगा और युवा ऊर्जा को सकारात्मक दिशा देगा।

काशी में पहली बार इतने बड़े स्तर पर राष्ट्रीय वॉलीबॉल प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। 72वीं सीनियर नेशनल वॉलीबॉल चैंपियनशिप में देशभर से 58 टीमें हिस्सा ले रही हैं। आयोजन के लिए स्टेडियम को रंग-बिरंगे झंडों, बैनर और होर्डिंग्स से भव्य रूप से सजाया गया है। कार्यक्रम शुरू होने से पूर्व तथा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के स्टेडियम आगमन से पहले ही खिलाड़ियों सहित भारी संख्या में लोग जुट गए थे और “मोदी-योगी जल्दी आवा”, “हर-हर महादेव” के नारे लगा रहे थे।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के स्टेडियम पहुंचते ही लोगों ने उनका जोरदार स्वागत किया। मंच पर डिप्टी सीएम बृजेश पाठक और महापौर अशोक तिवारी ने सीएम योगी को अंगवस्त्र और स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। इसके बाद वंदे मातरम् का गायन हुआ।

इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने डॉ. संपूर्णानंद स्पोर्ट्स स्टेडियम के विभिन्न खेल प्रभागों का अवलोकन किया तथा शूटिंग रेंज में मौजूद खिलाड़ियों से वार्ता भी की।

इस अवसर पर प्रदेश की उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, स्टांप एवं न्यायालय पंजीयन शुल्क राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रविन्द्र जायसवाल, आयुष एवं खाद्य सुरक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. दयाशंकर मिश्र 'दयालु', जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्या, महापौर अशोक तिवारी, पूर्व मंत्री एवं विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी, एमएलसी हंसराज विश्वकर्मा, एमएलसी धर्मेन्द्र राय, रामौतार जाखड़, वीरेंद्र कुंवर, सुनील तिवारी, विधायक सौरभ श्रीवास्तव, विधायक डॉ. अवधेश सिंह, विधायक टी राम, क्षेत्र अध्यक्ष दिलीप पटेल, महानगर अध्यक्ष प्रदीप अग्रहरि, कमिश्नर एस. राजलिंगम, ओलिंपियन मेडलिस्ट आईएएस अधिकारी सुहास एलवाई, जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार के अलावा पूर्व सांसद डॉ. राजेश मिश्रा, पूर्व मेयर रामगोपाल मोहले, विधायक रमेश जायसवाल, राकेश शर्मा, क्षेत्रीय मीडिया प्रभारी नवरतन राठी, नागेंद्र रघुवंशी, आर पी कुशवाहा, जगदीश त्रिपाठी, प्रभात सिंह, निर्मला सिंह पटेल, चंद्रशेखर उपाध्याय, राहुल सिंह, मधुकर चित्रांश, अशोक यादव, नीरज जायसवाल, शालिनी यादव, कुसुम सिंह, पटेल प्रज्ञा पांडे, साधना पांडे, रामप्रकाश दुबे, उमेश दत्त पाठक, संजय कुमार, डॉक्टर अशोक राय, डॉ. अनिल ओहरी, संजय सोनकर, प्रवीण सिंह गौतम सहित भारी संख्या में खिलाड़ी आदि लोग प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।


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