पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट वाराणसी मोहित अग्रवाल एवं जिलाधिकारी वाराणसी सत्येन्द्र कुमार ने माघ मेला-2026 के दृष्टिगत पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारीगण की समन्वय गोष्ठी आयोजित कर आवश्यक दिशा निर्देश दिया। माघ मेला के दौरान पटल-प्रवाह को सुचारु बनाए रखने हेतु भीड़ के दबाव के अनुसार मार्ग निर्धारण, वन-वे संचालन, अतिरिक्त बल की तैनाती तथा निरंतर मॉनिटरिंग कर किसी भी अव्यवस्था को रोकने के निर्देश दिए गए। भीड़ नियंत्रण एवं सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्रमुख मार्गों, घाटों एवं संवेदनशील स्थलों पर मजबूत एवं मानक अनुरूप बैरिकेडिंग की व्यवस्था कर नियमित निरीक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। रणनीतिक स्थानों पर पुलिसकर्मियों की तैनाती कर वाच टावर स्थापित किए जाने, ऊँचाई से भीड़ की गतिविधियों पर सतत निगरानी रखने के निर्देश दिए गए। गंगा घाटों पर स्नान करने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए निर्धारित स्नान क्षेत्रों में बैरिकेडिंग, सुरक्षित लेन व्यवस्था तथा जल में अनियंत्रित प्रवेश रोकने हेतु विशेष इंतजाम करने के निर्देश दिए गए। महिला श्रद्धालुओं की सुविधा एवं गरिमा को ध्यान में रखते हुए घाटों के निकट पर्याप्त संख्या में अस्थायी चेंजिंग रूम स्थापित कर स्वच्छता, प्रकाश एवं सुरक्षा की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
रेलवे स्टेशनों पर अत्यधिक भीड़ की स्थिति को नियंत्रित करने हेतु होल्डिंग एरिया, कतार प्रबंधन, बैरिकेडिंग तथा समन्वय के माध्यम से श्रद्धालुओं के सुरक्षित एवं क्रमबद्ध आवागमन की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। शहर के भीतर एवं बाहर चिन्हित पार्किंग स्थलों को सुव्यवस्थित करने, स्पष्ट साइनेज लगाने, अवैध पार्किंग पर सख्त कार्रवाई तथा यातायात पुलिस की प्रभावी तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। आपात स्थिति अथवा अत्यधिक भीड़ के दबाव को नियंत्रित करने हेतु चयनित स्कूल परिसरों में अस्थायी होल्डिंग एरिया विकसित करने के निर्देश दिए गए। मेला क्षेत्र, घाटों, प्रमुख मार्गों एवं भीड़-बहुल स्थानों पर CCTV कैमरों एवं ड्रोन के माध्यम से 24×7 निगरानी रखकर संदिग्ध गतिविधियों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। भीड़ एवं यातायात दबाव को कम करने हेतु मेला क्षेत्र व मंदिर परिक्षेत्र में नो-व्हीकल जोन पूर्व से घोषित करने तथा केवल आवश्यक सेवाओं को ही अनुमति देने के निर्देश दिए गए। प्रमुख मंदिरों में श्रद्धालुओं की सुरक्षा, कतार प्रबंधन एवं शांतिपूर्ण दर्शन सुनिश्चित करने हेतु महिला पुलिस सहित पर्याप्त बल, बैरिकेडिंग, PA सिस्टम एवं सतत निगरानी की प्रभावी व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए।