सनबीम अन्नपूर्णा के नर्सरी से कक्षा 8 तक के 450 से अधिक छात्रों ने ‘‘काशी एक उत्सव’’ में विभिन्न पौराणिक, ऐतिहासिक एवं महानतम परम्पराओं को दर्शाकर स्वयं अनुभव भी किया। प्रतिष्ठित सनबीम स्कूल अन्नपूर्णा का वार्षिकोत्सव दिनांक 19 दिसंबर, 2025 शुक्रवार को सम्पन्न हुआ। इसमें लगभग 450 छात्रों ने भाग लिया छात्रों के रंगारंग कार्यक्रम एवं मंच प्रस्तुति ने अभिभावकों एवं उपस्थित गणमान्य अतिथियों को रस से सराबोर कर दिया। सर्वप्रथम बैगपाइप की शानदार प्रस्तुति के माध्यम से छात्रों द्वारा शिक्षण समूह के सम्मानित सदस्यों का स्वागत किया गया। इसके पश्चात सनबीम अन्नपूर्णा की प्रधानाचार्या श्रीमती ममता जायसवाल एवं उनके टीम सदस्यों ने मिलकर विद्यालय के वार्षिक गतिविधियों की वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की। साथ ही विभिन्न प्रतियोगिताओं के मेधावी विजेताओं को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के शुभारंभ में महान संगीतज्ञों पंकज उधास, जाकिर हुसैन, पं0 छन्नू लाल, राजन मिश्रा एवं पं. ईश्वरी लाल मिश्र को समर्पित स्वरांगिनी आर्केस्ट्रा की प्रस्तुति द्वारा श्रद्धांजलि दी गयी। इसके उपरान्त लक्ष्मी चाय वाला एक अनूठा नाट्य खण्ड प्रस्तुत किया गया। यह प्रस्तुति सहज रूप से देव दीपावली के भव्य दृष्यांकन में परिवर्तित हुई, जो काशी की दिव्यता और आध्यात्मिक प्रकाश का प्रतीक था।
इसी अवसर पर कार्यक्रम का उद्घाटन शिक्षण समूह के अध्यक्ष डॉ दीपक मधोक, उपाध्यक्ष श्रीमती भारती मधोक, निदेशिका श्रीमती अमृता बर्मन, उप निदेशिका श्रीमती प्रतिमा गुप्ता, मानद निदेशक हर्ष मधोक द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलन किया गया। कार्यक्रम के मध्य कैलेंडर और सनबीम वेबसाइट का लोकार्पण किया गया। सेवेन कलर्स ऑफ बनारस-इस प्रस्तुति ने आस्था, कला, संगीत, परम्परा, उत्सव, अध्यात्म और जनजीवन को सात रंगों में पिरोया। गंगा की शांति, घाटों की ऊर्जा, मंदिरों की भक्ति, बनारसी वस्त्रों की भव्यता, लोक संगीत की मधुरता और यहाँ के लोगों की सरलता के.जी. सेक्सन के 100 नन्हे-मुन्ने छात्रों द्वारा प्रदर्शित किया गया।
भव्य रैंप वॉक फैशन शो में कक्षा 1 से 8 लगभग 50 छात्रों ने अपने अभिभावकों के साथ उत्साह पूर्वक भाग लिया और पारंपरिक बनारसी कपड़े की शोभा को गर्व और पूरे जोश के साथ प्रस्तुत किया। इसके साथ ही रविदास और कबीरदास की कहानी में संत रैदास और कबीर के जीवन उनके विचारों और सामाजिक समरसता के संदेशों को छात्रों ने अपनी भावभंगिमाओं से लोगों का दिल जीता। देव दीपावली में आर्य IV-A, शताक्षी VII-B वेदांत VII-D सानवी श्रेष्ठ श्रेया यादव VI-C तथा अन्य छात्रों ने शास्त्रीय नृत्य कथक और दुपट्टा नृत्य की प्रस्तुति की। दिव्य गाथा-बनारस के लोक परम्पराओं की जीवन्त प्रस्तुति कार्यक्रम में भरत मिलाप, नागनथैया और नक्कटैया की सुन्दर प्रस्तुति की गयी साथ पान की कथा में काशी के प्रसिद्ध पान का मानवीकरण भी दर्शाया गया। काशी 2.0 के अन्तर्गत नुक्कड़ नाटक दिखाया गया। दिखाने का मुख्य उद्देश्य यह है कि लोगों ने स्मार्ट सिटी का सपना तो देखा पर लोगों का स्मार्ट सोच कहाँ गुम हो गई। कक्षा 4 और 5 के छात्रों ने लोगों का ध्यान आकर्षित करते हुए एक सराहनीय प्रयास किया।
Wisdom meets Wires में AI उपकरणों के विषय में बताया गया कि भविष्य Man + Machine का है, जिसका नेतृत्व मनुष्य के हाथों में ही होगा। कार्यक्रम का समापन QR आधारित Kashi Brain Test से हुआ।अंत में ‘रुद्र रिद्म शंकरा’ में मयंक खान रामचंदानी ने शिव के तांडव शक्ति और सृजन के अद्भुत संगम को दर्शाया साथ ही 30 छात्रों ने आवेश से भरपूर अघोर नृत्य को दर्शाकर लोगों का मन मुग्ध कर दिया। कार्यक्रम समापन के अवसर पर शिक्षण समूह के अध्यक्ष डॉ दीपक मधोक, उपाध्यक्ष श्रीमती भारती मधोक, मानक निदेशक हर्ष मधोक, निदेशिका श्रीमती अमृता बर्मन और उपनिदेशिका प्रतिमा गुप्ता ने काशी एक उत्सव पर प्रकाश डालते हुए अपना विचार व्यक्त किया तथा अभिभावकों को धन्यवाद ज्ञापन करते हुए छात्रों को प्रोत्साहित किया। अंत में राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम-समापन हुआ।