वाराणसी विकास प्राधिकरण (VDA) द्वारा अवैध प्लाटिंग के विरुद्ध सख्त कार्रवाई जारी है। उपाध्यक्ष के निर्देश पर प्राधिकरण के जोन–1 और जोन–2 की प्रवर्तन टीम ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए लगभग 9 बीघा क्षेत्रफल में विकसित की जा रही अवैध प्लाटिंग को ध्वस्त कराया।
प्राधिकरण ने जानकारी दी है कि वाराणसी विकास प्राधिकरण क्षेत्र में 200 अवैध प्लॉट चिन्हित किए गए हैं, जिन पर चरणबद्ध तरीके से कार्रवाई की जाएगी।
जोन–1 (वार्ड–शिवपुर) में कार्रवाई
मौजा सरसवां में रजनीश सिंह द्वारा लगभग 2 बीघा में अवैध प्लाटिंग की जा रही थी।
मौजा चौका, चोलापुर में सन्नी सिंह द्वारा लगभग 2 बीघा में अवैध प्लाटिंग की जा रही थी।
मौजा चौका, भुसौला लक्ष्मी वस्त्रालय के बगल वाली गली में प्रमोद पाल द्वारा लगभग 1 बीघा में अवैध प्लाटिंग की जा रही थी।
इन सभी स्थलों पर बिना स्वीकृत लेआउट के प्लाटिंग विकसित की जा रही थी। दिनांक 20/12/2025 को उत्तर प्रदेश नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम–1973 की धारा–27 के अंतर्गत सूचना (Announcement) देने के बाद ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई।
जोन–2 (वार्ड–सारनाथ) में कार्रवाई
मौजा मुनारी में बोधिसत्व स्नाकोत्तर महाविद्यालय के समीप अरविन्द सिंह द्वारा लगभग 4 बीघा में बिना स्वीकृत लेआउट के अवैध प्लाटिंग विकसित की जा रही थी। दिनांक 20/12/2025 को धारा–27 के तहत सूचना (Announcement) देने के बाद ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई।
कार्रवाई के दौरान अपर सचिव गुडाकेश शर्मा, सहायक नगर नियोजक सौरभ जोशी, जोनल अधिकारी शिवाजी मिश्रा, प्रकाश कुमार, अवर अभियंता रोहित और वर्तिका दुबे उपस्थित रहे।
प्राधिकरण की आवश्यक सूचना
भूमि क्रय से पूर्व लैंडयूज अवश्य जांचें, भूमि का आवासीय होना अनिवार्य है।
प्लॉट तक पहुंच मार्ग की न्यूनतम चौड़ाई 9 मीटर होना आवश्यक है।
प्लाटिंग एवं विक्रय केवल लेआउट स्वीकृति प्राप्त होने के बाद ही करें।
लेआउट जमा करने के उपरांत प्राधिकरण द्वारा 7 दिवस के भीतर स्वीकृति प्रदान की जाएगी।
प्राधिकरण ने आम जनमानस से अपील की है कि वाराणसी विकास प्राधिकरण से स्वीकृत लेआउट वाले प्लॉट ही खरीदें तथा मानचित्र स्वीकृत कराए बिना किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य न करें, अन्यथा प्राधिकरण द्वारा सख्त कार्रवाई की जाएगी।