बाबा का बुलडोजर इस समय विंटर वैकेशन पर चला गया है, कफ सीरप के दोषियों पर नहीं हो रही कार्रवाई : अजय राय
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने अपने आवास पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्लास्टिक की सीटी और बुलडोजर भी रखे हुए थे। उन्होंने स्वयं सीटी बजाकर दिखाया कि कैसे सरकार लोकतंत्र में आवाज उठाने वालों की आवाज दबा रही है। उन्होंने कहा कि बाबा का बुलडोजर इस समय विंटर वैकेशन पर चला गया है, जिससे कफ सीरप के दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हो पा रही है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि कोडीन युक्त कफ सीरप मामले में सरकार अपने लोगों को बचाने में जुटी हुई है। इस मामले में आवाज उठाने वाले ईमानदार पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर को गलत तरीके से फंसाया गया है। वाराणसी कोर्ट में उनकी पेशी एक आतंकवादी की तरह की गई। इस दौरान पुलिस ने जानबूझकर सीटी बजाई, ताकि मीडिया के सामने कुछ बोलने का अवसर न मिले।
“प्रदेश में छोटी-छोटी घटनाओं पर बुलडोजर चलाने वाली सरकार का बुलडोजर इस समय विंटर वैकेशन पर चला गया है। कफ सीरप से मासूम बच्चों की जान गई, लेकिन आज तक न तो बड़े दोषियों की गिरफ्तारी हुई और न ही उनके खिलाफ बुलडोजर की कार्रवाई दिखाई दी।”
उन्होंने आरोप लगाया कि इस पूरे मामले में दवा माफिया और भ्रष्ट अधिकारियों को बचाने की कोशिश की जा रही है। सरकार केवल दिखावटी जांच और बयानबाजी तक सीमित है, जबकि पीड़ित परिवार न्याय के लिए भटक रहे हैं।
अजय राय ने वाराणसी के आईपीएस अधिकारियों को भी कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि वाराणसी के अधिकारी अपनी नैतिकता को बेच चुके हैं और यह भूल रहे हैं कि वे भी पूर्व अधिकारी की श्रेणी में खड़े होंगे। पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर के साथ पूरी जनता खड़ी है और कांग्रेस के बब्बर शेर उनके पक्ष में आवाज उठाते रहेंगे।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि उन्होंने अमिताभ ठाकुर से जेल में भी मुलाकात की, क्योंकि वह एक ईमानदार अधिकारी हैं और हमेशा जनता के हित में आवाज उठाते रहे हैं। योगी सरकार के अधिकारी जेल में भी उन पर अत्याचार कर रहे हैं।
अजय राय ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और डिप्टी सीएम पर आरोप लगाया कि वे प्रेस कॉन्फ्रेंस कर यह बता रहे हैं कि इस मामले में सपा के लोग भी शामिल हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि यह क्या तमाशा है, जबकि सपा के मुखिया अखिलेश यादव लगातार इस मामले में कार्रवाई की बात कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार अपने लोगों को बचाने के लिए पर्दा डालने की कोशिश कर रही है।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि गोवा में एक अग्निकांड के दोषी रेस्टोरेंट मालिक को विदेश से लाया जा सकता है, तो इस कफ सीरप मामले में आरोपित शिवम की गिरफ्तारी क्यों नहीं हो सकती है। उन्होंने मांग की कि इस मामले की जांच हाई कोर्ट के न्यायाधीश से कराई जाए, ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके।