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सनबीम अन्नपूर्णा का वार्षिकोत्सव 2025 “काशी एक उत्सव” में संस्कृति, परम्परा और आधुनिकता का भव्य संगम



 19/Dec/25

सनबीम अन्नपूर्णा के नर्सरी से कक्षा 8 तक के 450 से अधिक छात्रों ने विद्यालय के वार्षिकोत्सव “काशी एक उत्सव” के माध्यम से काशी की अनंत, शाश्वत और दिव्य संस्कृति को जीवंत रूप में मंच पर प्रस्तुत किया। इस आयोजन में पौराणिक, ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं आधुनिक विचारों का अद्भुत समन्वय देखने को मिला।

## सनबीम स्कूल अन्नपूर्णा का वार्षिकोत्सव 19 दिसंबर 2025 को सम्पन्न

प्रतिष्ठित सनबीम स्कूल अन्नपूर्णा का वार्षिकोत्सव शुक्रवार, 19 दिसंबर 2025 को भव्य रूप से सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में लगभग 450 छात्रों की सहभागिता रही। छात्रों की रंगारंग प्रस्तुतियों और मंचीय अभिनय ने उपस्थित अभिभावकों एवं गणमान्य अतिथियों को भावविभोर कर दिया।

कार्यक्रम की शुरुआत बैगपाइप की शानदार प्रस्तुति से हुई, जिसके माध्यम से शिक्षण समूह के सम्मानित सदस्यों का स्वागत किया गया।

## वार्षिक रिपोर्ट और मेधावी छात्रों का सम्मान

इसके पश्चात प्रधानाचार्या ममता जायसवाल एवं उनकी टीम द्वारा विद्यालय की वार्षिक गतिविधियों की रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। साथ ही विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी छात्रों को विशेष रूप से सम्मानित किया गया।

## स्वरांगिनी ऑर्केस्ट्रा द्वारा महान संगीतज्ञों को श्रद्धांजलि

कार्यक्रम के शुभारंभ में महान संगीतज्ञ पंकज उधास, जाकिर हुसैन, पं. छन्नू लाल, राजन मिश्रा एवं पं. ईश्वरी लाल मिश्र को समर्पित स्वरांगिनी ऑर्केस्ट्रा की भावपूर्ण प्रस्तुति द्वारा श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

## ‘लक्ष्मी चाय वाला’ से देव दीपावली तक की सांस्कृतिक यात्रा

इसके उपरान्त ‘लक्ष्मी चाय वाला’ नामक एक अनूठा नाट्य खंड प्रस्तुत किया गया, जो आगे चलकर देव दीपावली के भव्य दृश्यांकन में परिवर्तित हुआ। यह काशी की दिव्यता और आध्यात्मिक प्रकाश का प्रतीक रहा।

इसी अवसर पर कार्यक्रम का उद्घाटन शिक्षण समूह के अध्यक्ष डॉ दीपक मधोक, उपाध्यक्ष भारती मधोक, निदेशिका अमृता बर्मन, उपनिदेशिका प्रतिमा गुप्ता एवं मानद निदेशक हर्ष मधोक द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलन कर किया गया। कार्यक्रम के मध्य विद्यालय कैलेंडर एवं सनबीम वेबसाइट का भी लोकार्पण किया गया।

## Seven Colors of Banaras: काशी के सात रंगों की झलक

सेवन कलर्स ऑफ बनारस प्रस्तुति में आस्था, कला, संगीत, परम्परा, उत्सव, अध्यात्म और जनजीवन को सात रंगों में पिरोया गया।
गंगा की शांति, घाटों की ऊर्जा, मंदिरों की भक्ति, बनारसी वस्त्रों की भव्यता, लोक संगीत की मधुरता और काशीवासियों की सरलता को के. जी. सेक्सन के 100 नन्हे-मुन्ने छात्रों ने मनोहारी ढंग से प्रस्तुत किया।

## पारंपरिक बनारसी फैशन शो में अभिभावकों की सहभागिता

भव्य रैंप वॉक फैशन शो में कक्षा 1 से 8 तक के लगभग 50 छात्रों ने अपने अभिभावकों के साथ उत्साहपूर्वक भाग लिया और पारंपरिक बनारसी वस्त्रों की गौरवशाली परंपरा को मंच पर प्रस्तुत किया।

## संत रविदास और कबीरदास के जीवन पर आधारित प्रस्तुति

रविदास और कबीरदास के जीवन, उनके विचारों और सामाजिक समरसता के संदेशों को छात्रों ने प्रभावशाली भावभंगिमाओं के साथ प्रस्तुत कर दर्शकों का मन जीत लिया।

## देव दीपावली: कथक और दुपट्टा नृत्य की भव्य प्रस्तुति

देव दीपावली खंड में आर्य IV-A, शताक्षी VII-B, वेदांत VII-D, सानवी श्रेष्ठ, श्रेया यादव VI-C सहित अन्य छात्रों ने शास्त्रीय कथक नृत्य एवं दुपट्टा नृत्य की आकर्षक प्रस्तुति दी।

## दिव्य गाथा: बनारस की लोक परम्पराओं का मंचन

दिव्य गाथा के अंतर्गत बनारस की लोक परम्पराओं को जीवंत किया गया। इसमें भरत मिलाप, नागनाथैया और नक्कटैया की सुंदर प्रस्तुति के साथ-साथ पान की कथा में काशी के प्रसिद्ध पान का मानवीकरण भी दिखाया गया।

## Kashi 2.0: स्मार्ट सिटी और स्मार्ट सोच का संदेश

काशी 2.0 के अंतर्गत प्रस्तुत नुक्कड़ नाटक में यह संदेश दिया गया कि स्मार्ट सिटी के साथ-साथ स्मार्ट सोच भी उतनी ही आवश्यक है। कक्षा 4 और 5 के छात्रों द्वारा प्रस्तुत यह नाटक दर्शकों के लिए अत्यंत प्रभावशाली रहा।

## Wisdom Meets Wires: AI और भविष्य की झलक

Wisdom Meets Wires खंड में AI उपकरणों पर प्रकाश डालते हुए बताया गया कि भविष्य Man + Machine का है, लेकिन नेतृत्व सदैव मनुष्य के हाथों में ही रहेगा। कार्यक्रम का समापन QR आधारित Kashi Brain Test के साथ हुआ।

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## ‘रुद्र रिद्म शंकरा’: शिव तांडव और अघोर नृत्य

अंतिम प्रस्तुति ‘रुद्र रिद्म शंकरा’ में मयंक खान रामचंदानी ने शिव के तांडव, शक्ति और सृजन के अद्भुत संगम को प्रस्तुत किया। साथ ही 30 छात्रों द्वारा प्रस्तुत आवेशपूर्ण अघोर नृत्य ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

## अतिथियों के विचार और राष्ट्रगान के साथ समापन

कार्यक्रम के समापन अवसर पर डॉ दीपक मधोक, भारती मधोक, हर्ष मधोक, अमृता बर्मन एवं प्रतिमा गुप्ता ने “काशी एक उत्सव” पर अपने विचार साझा किए, अभिभावकों का धन्यवाद ज्ञापित किया तथा छात्रों का उत्साहवर्धन किया। अंत में राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

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