बनारस लिट फेस्ट: काशी साहित्य-कला उत्सव के तीन सफल एवं चर्चित आयोजनों के बाद इसके चौथे संस्करण की औपचारिक घोषणा एवं आमंत्रित तथा सम्मिलित हो रहे प्रमुख अतिथियों की पहली प्रची आयोजकों में जारी कर दी गई है। बनारस लिट फेस्ट आयोजन समिति की एक महत्त्वपूर्ण तैयारी एवं चर्चा बैठक के बाद प्रेस वार्ता में आयोजक मंडल के आयोजन के महत्वपूर्ण बिंदुओं को उल्लेखित किया और विस्तृत जानकारी दी। प्रमुख सामाजिक-सांस्कृतिक संस्था 'नव भारत निर्माण समिति एवं बनारस लिट फेस्ट आयोजन समिति की पहल 'बनास्स लिट फेस्ट: काशी साहित्य-कला उत्सव' का चौथा संस्करण 30 जनवरी से 01 फरवरी, 2026 तक भव्य रूप में आयोजित होने जा रहा है। देश के उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद सवाल, संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत को भी आमंत्रित किया गया है।
इनके अलावा भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति डी. ताई. चंद्रचूड, मैसूर राजवंश के एचएस वाडियार (मैसूर के सांसद), सांसद एवं प्रख्यात लेखक शशि थरूर, मशहूर बैडमिंटन खिलाड़ी एवं कोच पुल्लैला नोपीचंद, मज़दूर चित्रकार मनीष पुष्कले (जापान), कथाकार-कदि उदय प्रकाश, अंग्रेजी के वर्चित लेखक माविका भोविल, श्रीनिवासन रमानी, नमिता देवी दयाल और अनेक क्षेत्रों के विशेषज्ञों सहित हिंदी, अंग्रेजी, भारतीय भाषाओं के दो सौ से अधिक कवि, लेखक, आलोचक, कलाकार, चित्रकार चौथे संस्करण में सम्मिलित हो रहे हैं।
अपने तीन आयोजनों से ही देश-दुनिया के साहित्यिक-सांस्कृतिक आयोजनों में विशिष्टता अर्जित वाला साहित्य-कला-संस्कृति का सबसे बड़ा संवादधर्मी मंच ब्रनारस लिट् फेस्ट काशी साहित्य कला अत्सव फिर से नए साल में अपनी भव्य छटा बिखरने जा रहा है।
इस वर्ष का थीम Banaras From Sight to Insight: Youth Shaping Nation in an Al-Powered World है। बनारस केवल एक प्राचीन नगरीएक अनमति एक दर्शन एक विश्वष्टि है। लघु भारत होने के साथ बनारस विश्व चेतस प्राचीन एवं अर्वाचीन केंट है। घाटी, गलियों और सदियों पुरानी सास्कृतिक स्मृतियों के बीच यह उत्सव साहित्य, कला, संगीत विचार और अभिव्यक्ति का एक जीवत संगम है। यह महोत्सव भारतीय ज्ञान-परंपरा रखनात्मकता और सामाजिक चेतना को एक साथ जोड़ने वाला एक अनोखा संवादधर्मी सांस्कृतिक उत्सव है।
बीएलएफ 2026 के उद्देश्य बनारस की साहित्यिक-सांस्कृतिक धारा की निरंतरता को बनाए रखना, राष्ट्रीय साहित्यिक परंपराओं से संवाद को प्रोत्साहित करना, उभरती साहित्यिक विधाओं को मंच प्रदान करना, नवोदित ले वकों को प्रेरित एवं प्रशिक्षित करना, नीति-निर्माताओं, कलाकारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं साहित्यकारों के बीच रचनात्मक विमर्श है।
कार्यक्रम के जरिए भारतीय भाषाओं व सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण, स्थानीय, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय साहित्य संस्कृतियों का आदान-प्रदान, ज्ञान गंगा -संवाद, बहस, पैनल चर्चा और साहित्यिक विमर्श, सुर प्रवाह शास्त्रीय, लोक और समकालीन संगीत प्रस्तुतियाँ, सारस्वत मंच कविता, गजल, काव्य-पाठ एवं स्पोकन वर्ड, काशी मंच - लेखक वार्ता, पुस्तक लोकार्पण, कहानी आधारित सत्र, त्रिवेणी मंच (कला, फोटोग्राफी एवं पर्यावरण), शक्ति से सौंदर्य तक (युवा मंच) युवा ऊर्जा, रचनात्मकता एवं स्वतंत्र अभिव्यक्ति को मंच मिलेगा।
मुख्य आकर्षण 200+ वक्ता, कलाकार, लेखक एवं परफॉर्मर, 45+ पैनल चर्चाएँ व संवाद, 50+ राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार विजेता सहभागी, 10+ भाषाओं का प्रतिनिधित्व, 100+ नई पुस्तकों का लोकार्पण, 150+ संस्थानों की भागीदारी, राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय प्रकाशकों के साथ भव्य पुस्तक मेला, चित्रकला प्रदर्शनी एवं शिविर, 11 श्रेणियों में बीएलएफ बुक अवॉर्ड, आर्ट फेस्टिवल, ओपन माइक, हेरिटेज वॉक्स राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त अतिथि वक्ता, लेखक, अध्येता, कलाकार, संस्कृतिकर्मी, बुद्धिधा होगा।
कार्यक्रम में अनुपम खेर सुप्रसिद्ध फिल्म एवं रंगमंच कलाकार, पियुष मिश्रा सुप्रसिद्ध अभिनेता, गीतकार कवि व प्रस्तोता, डॉ. प्रशन्ना - विचारक और सार्वजनिक नीति विशेषज्ञ, डॉ. सबरीना बोस उद्योगपति, इनोवेशन लीडर, विवेक अग्रवाल - युवा उद्यमी, पद्मश्री निरंजन गोस्वामी - नाट्य कला के दिग्गज, मालिनी अवस्थी प्रसिद्ध लोक गायिका, हिमांशु बाजपेयी - कथाकार, किस्सागो, सुबोनों इसहाक बारी - विश्व विख्यात युवा गणित प्रतिभा, अमित तन्दन - प्रसिद्ध स्टैंड-अप कॉमेडियन, पुलेला गोपीचंद - दिग्गज बैडमिंटन खिलाड़ी एवं कोच, मनोज तिवारी भोजपुरी के सुपर स्टार, लोकगायक, अभिनेता एवं सांसद (लोकसभा), प्रथम मित्तल - टेक उद्यमी, सोफिया पथाई - युवा वैश्विक इनोवेटर, संदीप शर्मा - बॉलीवुड फ़िल्म लूडो से प्रसिद्ध अभिनेता, प्रमुख हिंदी लेखक - अशोक वाजपेयी - प्रख्यात कवि, आलोचक, संस्कृतिकर्मी, ममता कालिया - वरिष्ठ लेखिका, उपन्यासकार, अरुण कमल - प्रतिष्ठित कवि-लेखक, अनामिका - प्रसिद्ध कवयित्री, गगन मिल - सा. अकादमी पुरस्कृत कवयित्री, बद्री नारायण - कुलपति, टीआईएसएस, मुंबई ख्याल कवि-लेखक-सामाजिक वैज्ञानिक, प्रो सिद्धार्थ सिंह-कुलपति, नव नालन्दा महाविहार विश्वविद्यालय, उदयन वाजपेगी - दार्शनिक गहनता वाले कवि व अनुवाठक, नीरजा माधव - राष्ट्रपति से सम्मानित लेखिका (वाराणसी), उर्मिला शिरीष - भावनात्मक सूक्ष्मताओं की प्रसिद्ध लेखिका होंगे। कवि/ग़ज़लकार श्रेणी में पद्मश्री शीन काफ़ निज़ाम, राजेश रेड्डी, विष्णु सक्सेना, मदन मोहन, इक़बाल अशहर, नीलोत्पल मृणाल, अंकिता सिंह, श्लेश गौण, डॉ. रुचि चतुर्वेदी, चित्रकार में मनीष पुष्कले (जापान), डॉ. गोपाल प्रसाद (काठमांडू), प्रो. राजेश यादव, विजय जी, प्रो. सुनील कुमार विश्वकम फोटोग्राफर मनीष खत्री, विशेष सम्मान गोमती देवी उत्कृष्टता सम्मान (7 श्रेणियों में) होंगे।
उक्त कार्यक्रम की जानकारी पत्रकार वार्ता के माध्यम से आयोजन समिति के अध्यक्ष दीपक मथोक, उपाध्यक्ष अशोक कपूर, सचिव बृजेश सिं कोषाध्यक्ष-धवल प्रकाश, समन्वयक डॉ अनिल ओहरी, खालिद अंसारी, धर्मेंद्र कुमार, अंकित मौर डॉ आशीष गुप्ता, आदित्य गुप्ता, सुमित अग्रवाल दी।